सिरसा (मनमोहित ग्रोवर)। हरियाणवी कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष डॉ.अशोक तंवर प्रदेश मे अपनी राजनीतिक सक्रियता की बदौलत चर्चा में है। खुफिया त...

सिरसा (मनमोहित ग्रोवर)। हरियाणवी कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष डॉ.अशोक तंवर प्रदेश मे अपनी राजनीतिक सक्रियता की बदौलत चर्चा में है। खुफिया तंत्र डॉ. अशोक तंवर पर नजर बनाए हुए हैं, क्योंकि इसके पास नेता कम और वर्करों की लंबी फौज है। देश-प्रदेश में लोगों द्वारा कांग्रेस को दिखाये गये आईने से कांग्रेसी ढांचा चरमराता नजर आने लगा था, मगर हरियाणा में डॉ. तंवर के संघर्ष और परिश्रम ने लडखडाती कांग्रेस को न सिर्फ उभारा, बल्कि अपनों के विरोध के बावजूद भी कांग्रेसी कुनबा बढाया और कांग्रेसजनों को संजीवनी देकर मजबूत किया। डॉ. तंवर की सोच रही है कि पार्टी को मजबूत बनाते हुए जन समस्याओं से वाकिफ होकर उनके समाधान का प्रयास किया जाये। डा.तंवर के अपने तथा विरोधी इस बात के तो कायल है कि इस कांग्रेसी नेता की वर्किंग की बदौलत हरियाणा में कांग्रेसी ग्राफ बढा है, क्योंकि पार्टी की सरकार बनाने के लिए, जो संघर्ष और प्रयास डॉ. तंवर कर रहे है, किसी अन्य पार्टी का कोई राजसी दिग्गज नहीं कर रहा। राजनीति के सभी पहलुओं के ज्ञाता डा.तंवर थ्री-इन वन हैं, जो पार्टी के हिचकोले खाते समय साथ रहने वालों, पार्टी में रहकर पार्टी विरोधी गतिविधियों में भागीदारी करने या फिर पार्टी छोडने वालों से पूर्णतया वाकिफ है। कौन पार्टी का हितैषी है या अपने साथ स्वार्थी बैग लेकर घूम रहा है। डॉ. तंवर के सी.सी.टी.वी कैमरे की नजर में है। अपनी मेहनत और संघर्ष के चलते डा. तंवर एक बडे कद्दावर नेता बन चुके हैं ।अपने चार वर्ष की प्रधानगी के कार्यकाल में डॉ. अशोक तंवर पार्टी के प्रति वफादारों को भी पहचान चुके हैं।  भविष्य में होने वाले हरियाणा विधानसभा चुनाव में ऊंट किस करवट बैठेगा, यह तो आने वाला समय ही बतायेगा, मगर यदि हरियाणवी मतदाता कांग्रेस को स्पष्ट बहुमत देते हैं, तो डॉ. तंवर की लाटरी खुल सकती है।

सिरसा(मनमोहित ग्रोवर) । हरियाणा कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अशोक तंवर की जिला सिरसा में निकाली गई साईकिल यात्रा एक तीर से कई निशाने कर ...

सिरसा(मनमोहित ग्रोवर)। हरियाणा कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अशोक तंवर की जिला सिरसा में निकाली गई साईकिल यात्रा एक तीर से कई निशाने कर गई है। साईकिल यात्रा के दूसरे चरण के समापन पर अनाज मंडी सिरसा में भव्य जनसभा हुई और जनसभा में उमड़ी भीड़ ने डॉ. तंवर व उनकी फौज को उत्साहित किया। राजसी दिग्गजों की नर्सरी चौटाला से शुरू हुई यह साईकिल यात्रा में लोगों का कांग्रेसी संघर्ष को लेकर ध्यान आकर्षित हुआ है तो दूसरी तरफ प्रदेश में समांतर कांग्रेस चला रहे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के दो करीबी विकट रणजीत सिंह व पंडित होशियारी लाल शर्मा को डॉ. अशोक तंवर ने झटक कर हुड्डा खेमा में बिखराव की शुरूआत कर दी है। संसदीय क्षेत्र सिरसा से सांसद रहे डॉ. तंवर की इस साईकिल यात्रा को मिले भारी उत्साहजनक समर्थन सेे संसदीय क्षेत्र सिरसा का राजनीतिक गणित गड़बड़ा गया है। इस साईकिल यात्रा को सफल बनाने के लिए कांग्रेसी दिग्गजों ने भी कड़ा परिश्रम किया है। पूर्व सांसद रणजीत सिंह, युवा कांग्रेस विशाल वर्मा, कांग्रेस के प्रदेश महासचिव नवीन केडिया, शीशपाल केहरवाला, कुलदीप गदराना, रमेश भादू इत्यादि के अनथक प्रयासों से 50 डिग्री के तापमान में सर्वाधिक लोगों की साईकिल यात्रा में भागीदारी ने सत्तारूढ़ भाजपा और राज्य के प्रमुख विपक्षी दल इनैलो को सकते में ला दिया है। डॉ. तंवर ने साईकिल यात्रा के माध्यम से मतदाताओं के साथ-साथ अपने वफादारों व चमचागिरी करने वालों की पहचान भी जुटा ली है। जिला के डबवाली,, कालांवाली, सिरसा, रानियां, ऐलनाबाद विधानसभाई क्षेत्रों में किस राजसी दिग्गज की क्या भूमिका रही है, पर भी डॉ. तंवर का फोक्स रहा है। डॉ. तंवर की इस साईकिल यात्रा से कांग्रेसी जनाधार में बढ़ौतरी हुई है, ऐसा माना जा रहा है, मगर हुड्डा खेमा में सेंधमारी का फायदा पूरे प्रदेश में डॉ. तंवर को मिल सकता है। प्रदेशस्तरीय साईकिल यात्रा से डॉ. तंवर कांग्रेस के उन चेहरों की तलाश रहे है, जो पार्टी के प्रति पूर्णतया समर्पित हो और प्रभावी जनाधार रखते है। साईकिल यात्रा, जहां भाजपा व इनैलो की बेचैनी बढ़ाए हुए है, वहीं समांतर कांग्रेस में भी हलचल मनाए हुए है। डॉ. तंवर की इस साईकिल यात्रा से खुले तीसरे नेत्र की नज़रों में कई वफादारों का राजनीतिक कद जरूर बढ़ा है, जबकि खानापूर्ति करने वालों की तस्वीरें भी कैद हो गई है। इस साईकिल यात्रा की सफलता के साथ-साथ दिलचस्प तथ्य यह है कि साईकिल सवारों का उत्साह व जोश देखने योग्य था, जिसे कांग्रेस के लिए शुभ संकेत कहा जा सकता है।

सिरसा(प्रैसवार्ता)। ओडि़सा के राज्यपाल महामहिम प्रो.गणेशी लाल 10 जून को अपने गृह शहर सिरसा में आएंगे और उनका रात्रि विश्राम भी सिरसा में...

सिरसा(प्रैसवार्ता)। ओडि़सा के राज्यपाल महामहिम प्रो.गणेशी लाल 10 जून को अपने गृह शहर सिरसा में आएंगे और उनका रात्रि विश्राम भी सिरसा में ही रहेगा। वे 10 जून सुबह 10 बजेे भूवनेश्वर ओडि़सा से हवाई मार्ग से सिरसा के एयरफोर्स स्टेशन पर आने के लिए रवाना होंगे। दोपहर 12 बजे प्रो. गणेशीलाल के सिरसा पहुंचने पर कार्यकर्ताओं व समर्थकों द्वारा उनका भव्य स्वागत किया जाएगा। 11 जून को सिरसा में विश्राम करेंगे और विभिन्न कार्यक्रमो में शिरकत करेंगे। 12 जून को सुबह 10 बजे राज्यपाल प्रो. लाल अग्रवाल वैश्य समाज के धार्मिक स्थल अग्रोहा धाम में जाएंगे और उसके बाद 1 बजे महम, 3 बजे गोहाना व 6 बजे हिसार पहुचेंगे। 12 जून को रात्रि में हिसार से सिरसा आएंगे। 13 जून सुबह 11 बजे  सिरसा हवाई मार्ग से भुवनेश्वर के एयरफोर्स स्टेशन के लिए रवाना होंगे। प्रो. गणेशी लाल के सिरसा आगमन को लेकर कार्यकर्ताओं व समर्थकों ने तैयारियां शुरू कर दी है और उनका भव्य स्वागत करने की रणनीति बनाई है। जिला प्रशासन ने सुरक्षा की दृष्टि से तैयारियां शुरू कर दी है। काबिलेगौर है कि प्रो. गणेशीलाल भाजपा राष्ट्रीय अनुशासन समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे है। जिला सिरसा में भाजपा को मजबूती देने का काम एक लंबे अरसे से प्रो. गणेशी लाल कर रहे थे। पार्टी के प्रति व जन सेवा के प्रति इसी निष्ठा का  देखेते हुए उन्हें ओडि़सा का राज्यपाल बनाया गया। जिला सिरसा के प्रो. गणेशी लाल एकमात्र ऐसे व्यक्तित्व है, जिन्हें हरियाणा गठन के बाद पहली बार राज्यपाल जैसे सवैंधानिक पद से सुशोभित किया गया है।

सिरसा (मनमोहित ग्रोवर)। राजनेताओं की नर्सरी और इनैलो के गढ़ ग्राम चौटाला से अपने दूसरे चरण की आरंभ हुई कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष डा.अशोक ...

सिरसा (मनमोहित ग्रोवर)। राजनेताओं की नर्सरी और इनैलो के गढ़ ग्राम चौटाला से अपने दूसरे चरण की आरंभ हुई कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष डा.अशोक तंवर की साईकिल यात्रा से जिला की राजनीतिक स्थिति में काफी बदलाव दिखने को मिल रहा है।भीष्म गर्मी में डा.तंवर की फौज हरियाणा बचाओ परिवर्तन लाओ बैनर के तले जिले के ग्रामीण आंचल में लोगों से जनसंपर्क बनाकर मौजूदा सरकार की जनविरोधी नीतियों से अवगत करा रहे हैं। डा.तंवर की इस साईकिल यात्रा को सफल बनाने में पूर्व सांसद रणजीत सिंह, हरियाणा कांग्रेस के प्रांतीय महासचिव नवीन केडिया सहित लगभग सभी दिग्गजों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। इनैलो के इस गढ़ में डा.तंवर की इस साईकिल यात्रा को मिले रिसपांस से इनैलो तथा भाजपा खेमे  में हलचल मच गई है। डा.तंवर के परिश्रम और संधर्ष से कायल कांग्रेस हाईकमान काफी प्रसन्न और संतुष्ट  नजर देखा जाने लगा है। बेदाग स्वच्छ छवि के व्यक्तित्व तंवर की साईकिल यात्रा से कांग्रेस के साथ युवा वर्ग का भारी संख्यां में जुडना कांग्रेस के लिये शुभ संकेत कहा जा सकता है। इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि जब डा.तंवर ने हरियाणवी कांग्रेस की कमान संभाली थी, तब कांग्रेस का रिमोट तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा के हाथ में था,जो अब किसी के पास नहीं है। डा.तंवर ने कडी मेहनत करके कांग्रेस को नई दिशा और कांग्रेसी जनों को सम्मान देकर कांग्रेसी कुनबा बढाया है। कांग्रेस बैनर तले हरियाणा में विजयी परचम फहराने के लिये डा.तंवर न सिर्फ एडी चोटी का जोर लगा रहे हैं,बल्कि इतनी भीष्म गर्मी में अपनी फौज के साथ पसीना बहा रहे है। देश और प्रदेश में ऐसे राजसी दिग्गजों की कमीं नही हैं,जो सपरिवार हिल स्टेशनों पर लुत्फ उठा रहें है। डा.तंवर की पार्टी प्रति आस्था को लेकर राजनीतिक पंडित ,जहां हैरान हैं,वहीं विपक्षी दलों की राजनैतिक धडकनें भी बढती नजर आने लगी है।

सिरसा (प्रैसवार्ता)। राजस्थान, पंजाब की सीमा से सटा हरियाणा राज्य का जिला मुख्यालय सिरसा, जो देशभर में नशे की खुश्क बंदरगाह तथा नशे के...





सिरसा (प्रैसवार्ता)। राजस्थान, पंजाब की सीमा से सटा हरियाणा राज्य का जिला मुख्यालय सिरसा, जो देशभर
में नशे की खुश्क बंदरगाह तथा नशे के सौदागरों के लिए सोने की खान बन चुका था, आजकल अपराधियों के लिए दहशत के साये में देखा जाने लगा है। सिरसा के मौजूदा पुलिस अधीक्षक हामिद अख्तर ने अपने कार्यकाल के एक महीने में नशा तस्करों के पसीने छुडा दिये हैं। नशे के खिलाफ पुलिस के प्रबल प्रहार मुहिम से नशा तस्कर अपने ठौर ठिकाना बदलने पर मजबूर हो रहे हैं। पुलिस कप्तान अख्तर की अलग कार्यशैली से पुलिसिया तंत्र भी सकते में हैं, क्योंकि लापरवाही-कोताही पुलिस कप्तान को बर्दाशत नहीं। सेवा,सुरक्षा और सहयोग के हरियाणा पुलिस के लोगो को अमलीजामा पहनाने तथा जनता के दिमाग से पुलिसिया भय समाप्त करने का लक्ष्य लेकर पुलिस कप्तान अख्तर ,जिस कद्र प्रयास कर रहें हैं,लोगों में प्रंशसनीय दिखाई देता है और जनता का सहयोग भी उन्हें मिलने लगा है। पुलिस को मिल रहे जन सहयोग से अपराधिक प्रवृति के लोगों में हडकंप मच गया है।ऑप्रेशन प्रबल प्रहार ,जहां जनप्रिय हो रहा है,वही अपराधी वर्ग और उनके समर्थक राजसी दिग्गज पुलिस कप्तान को दूसरे नजरिये से देखते हुए इसे सस्ती लोकप्रियता का पैमाना मानते हुए दलील देते हैं कि सिरसा कल्ब में प्रतिदिन लाखों रूपयों का जुआ और खुले शराब के दौर चलते हैं,उन पर पुलिस की ठंडी नजर क्यों। शराब के अवैध अहाते,अवैध शराब की बिक्री करने वालों पर पुलिसिया शिकंजा कसने के बाद शराब के ठेकेदारों द्वारा शराब के रेट बढाने से भी कई चर्चांए शुरु हो गई है,जिन्हें लेकर पुलिस कार्यप्रणाली भी संदेह के घेरे में आ गई है। पुलिस कप्तान का सोशल मीडिया से जनता को जागरूक करना और स्वंय फोन पर हर समय उपलब्ध रहना जिलावासियों के किसी अचंम्बे से कम नहीं कहा जा सकता। पुलिस कप्तान अख्तर के एक महीने की धुंआधार बैंटिंग से जिलावासियों को काफी उम्मीदें है। क्या अपराधियों के मंसूबों पर "ग्रहण" लगाने में हामिद अख्तर सफल हो पायेगें,यह तो आने वाला समय ही बतायेगा,मगर एक महीने की बैटिंग से अपराधी तथा लापरवाह,कोताही बरतने वाले पुलिस कर्मी जरूर सकते में हैं।

prof. ganeshi lal सिरसा(प्रैसवार्ता)। स्थानीय वरिष्ठ भाजपा नेता, पूर्व मंत्री हरियाणा एवं भाजपा अनुशासन समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो...

prof. ganeshi lal
सिरसा(प्रैसवार्ता)। स्थानीय वरिष्ठ भाजपा नेता, पूर्व मंत्री हरियाणा एवं भाजपा अनुशासन समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. गणेशी लाल को ओड़िसा का राज्यपाल मनाेनीत किए जाने पर सिरसा स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहा है और जिला भर में प्रो. लाल की इस नियुक्ति को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। मार्च 1942 में सिरसा में जन्म लेने वाले प्रो. गणेशी लाल लंबे समय से विभिन्न-विभिन्न कॉलेजाें में बतौर प्रोफेसर अपनी ड्यूटी निभाने उपरांत भाजपा का पूर्णतया समर्पित होकर अपना कर्तव्य निभा रहे थे। 1962 से राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जुड़ने वाले प्रो.लाल को एमरजेंसी के दौरान जेल यात्रा भी करनी पड़ी थी। भाजपा के राजनीतिक इतिहास के मुताबिक प्रो. लाल हमेशा ही भाजपा में महत्त्वपूर्ण पदों पर कार्यरत् रहे है। भाजपा के जिलाध्यक्ष से प्रदेशाध्यक्ष तक अपनी योग्यता का परिचय दे चुके प्रो. लाल को भाजपा के शीर्ष नेतृत्व अनुशासन समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष का दायित्व सौंपा गया था, मगर अब उनकी योग्यता व सक्षमता काे देखते हुए राष्ट्रपति ने उन्हें ओड़िसा के राज्पाल पद की जिम्मेवारी प्रो. लाल सिरसा जिला सिरसा के प्रथम राजसी दिग्गज है, जिन्हें केंद्र सरकार ने सैंवधानिक पद से नवाजा गया है। प्रो. लाल 1996 से 1999 तक स्व. बंसीलाल की सरकार में महत्त्वपूर्ण पद के साथ कैबिनेट मंत्री रहे है। झारखंड में भाजपा के सह प्रभारी बनकर 2001-2010 तक अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन  दिखा चुके है।






सीडीपीओ शुचि बजाज जीएन भार्गव, ऐलनाबाद प्रदेश के अधिकांश भागों में जहां तापमान 45 डिग्री के आसपास घूम रहा है वहीं बच्चों को तेज धूप ...

सीडीपीओ शुचि बजाज
जीएन भार्गव, ऐलनाबाद
प्रदेश के अधिकांश भागों में जहां तापमान 45 डिग्री के आसपास घूम रहा है वहीं बच्चों को तेज धूप व लू से बचाने के लिए कहीं विद्यालयों का समय बदला जा रहा है तो कहीं ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित कर दिए गए है ताकि स्कूली बच्चों को प्रचंड गर्मी व ताप घात की बीमारियों से बचाया जा सके। सरकार के इन आदेशों से जहां प्रदेश के नौनिहाल खुश है वहीं आंगनबाड़ी केंद्रो के 3 से 6 वर्ष की आयु के कोमल बच्चे स्वयं को ठगा सा महसूस करते हुए नन्हीं आंखों से हर अधिकारी से सवाल करते दिखाई देते है कि क्या वे इसके हकदार नहीं है? उन्हें कभी ग्रीष्कालीन अवकाश भी नहीं दिए  जाते। इतना ही नहीं इन केंद्रों की संचालिकाएं भी दोहरी मार झेलने को विवश है।
                      अनेक केंद्र संचालिकाओं ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि बच्चों को सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक आंगनबाड़ी केंद्रों में रोके रखना उनका दायित्व है, लेकिन दोपहर 12 बजे की तपती धूप में बच्चों को घर जाते समय अगर चक्कर आ जाए या लू लग जाए तो बच्चे के परिजन हाथ धो कर पीछे पड़ जाते है। यदि आंगनबाड़ी केंद्र संचालिकाएं बच्चों के मां-बाप के दबाव व गर्मी से बदहाल हो रहे बच्चे की तरफ देखकर उसे समय से पहले घर भेज दें तो विभागीय अधिकारियों की प्रताडऩा का शिकार होना पड़ता है। गर्मी के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए विभिन्न नीजि एवं राजकीय विद्यालयों द्वारा ग्रीष्कालीन छुट्टियां कर दिए जाने का जहां अभिभावकों ने स्वागत किया है वहीं दूसरी ओर छुट्टियां न किए जाने से आंगनबाड़ी केंद्र संचालिकाओं ने बताया कि उनके केंद्र आज भी 9 से 12 बजे तक खुल रहे है, जबकि छुट्टियों की आवश्यकता आंगनबाड़ी के इन छोटे बच्चों को अधिक होती है। 
                          तेज गर्मी के चलते छोटे बच्चे चक्कर खाकर गिर जाते है आंगनबाड़ी कार्यकत्र्ताओं ने बताया कि इन दिनों अनेक बच्चे तेज गर्मी के चलते घबराहट महसूस करते हुए चक्कर खाकर गिर जाते है। ऐसे में बच्चों को दोपहर 12 बजे तक केंद्रों पर रोके रखना आसान साबित नहीं हो रहा है। आंगनबाड़ी केंद्रों की मुश्किलें यहीं समाप्त नहीं होती। उनके अनुसार सरकार उन्हें राज्य कर्मचारी भी नहीं मानती और तो ओर इन्हें वेतन के नाम पर मात्र 11429 रुपए मासिक मानदेय दिया जाता है।
आंगनबाड़ी केंद्र भवन के किराये के लिए मिलते है मात्र 200 रुपए प्रतिमाह:-
                           आंगनबाड़ी भवन के किराये के नाम पर मात्र 200 रुपए प्रतिमाह देने का प्रावधान है और पिछले तीन सालों से ये 200 रुपए भी नहीं दिए जा रहे। उनका मानना है कि 2 हजार रुपए प्रतिमाह से कम किराये पर भवन उपलब्ध ही नहीं हो रहे है। इन केंद्रों में न गर्मी की छुट्टियां होती है और ना ही सर्दियों की। जबकि उनके कार्यों में न सिर्फ नौनिहालों, धात्री व गर्भवती महिलाओं को संभालना है बल्कि फिल्ड में जाकर दुनिया भर के सर्वे भी करने पड़ते है। सर्वे के अलावा गांव में जन्म, मृत्यु के रिकॉर्ड, टीकाकरण, पल्स पोलियो अभियान, लाडली बेटी योजना का कार्यभार भी इन्हीं के कंधों पर होता है। प्रत्येक केंद्र संचालिका पर 45 से 50 बच्चों एवं 16 से 18 धात्री व गर्भवती महिलाओं की देखरेख की जिम्मेदारी होती है। 
बोली विभाग की सीडीपीओ:-
                              विभाग की सीडीपीओ शुचि बजाज ने संवाददाता को बताया कि ऐलनाबाद में 18 व पूरे ब्लॉक में 174 आंगनबाड़ी केंद्र चलाए जा रहे है। नीजि भवनों में चलने वाले केंद्रों के लिए 200 रुपए प्रतिमाह किराया सरकार द्वारा दिया जाता है। किराया बढ़ाने संबंधी मांग लिखित में उच्चाधिकारियों को भेजी हुई है। अधिकारियों ने केंद्र संचालिकाओं की मांग पर सर्दी व गर्मी की छुट्टियां शुरु करने का आश्वासन दिया हुआ है लेकिन अभी तक हमारे पास लिखित में नहीं पहुंचा है जिस दिन हमारे पास लिखित में आ जाएगा उसी दिन से गर्मी व सर्दी की छुट्टियां शुरु कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि सरकार ने भवन के नाम पर साढे सात सौ रुपए प्रतिमाह किराया देने की बात मानी है लेकिन उसमें शौचालय, कमरे का साईज, पेयजल व्यवस्था आदि की अनेक शर्तंे रखी गई है जो कि इस साढ़े सात सौ रुपए में पूरी होने वाली नहीं है।

सिरसा(प्रैसवार्ता)। वर्तमान समय में सोशल मीडिया हर घर की दहलीज तक पहुंच गई है। सूचना चाहें जो भी हो, तुरंत सोशल मीडिया के माध्यम से आम ...

सिरसा(प्रैसवार्ता)। वर्तमान समय में सोशल मीडिया हर घर की दहलीज तक पहुंच गई है। सूचना चाहें जो भी हो, तुरंत सोशल मीडिया के माध्यम से आम व्यक्ति तक पहुंच जाती है। ऐसे में सिरसा के नए एसपी हामिद अख्तर ने सोशल मीडिया को भी अपना एक हथियार बना लिया है। जिला के सभी डीएसपी, थाना प्रभारी, चौकी प्रभारी तथा पूरी सिक्योरिटी ब्रांच को व्हाट्सअप पर जोड़ दिया गया है। व्हाट्सएप्प ने अब वायरलेस सैट का रूप धारण कर लिया है। जिस तरह वायरलेस पर आने वाली किसी भी कॉल को सुनना आवश्यक होता है, इसी प्रकार व्हाट्सएप्प पर आने वाले मैसेज को पढ़कर उस पर अमल करना पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए अनिवार्य हो गया है। जिला में अगर किसी प्रकार की घटना या वारदात होती है तो व्हाट्सअप के माध्यम से तुरंत सभी को सूचना देकर कार्रवाई करने के आदेश एसपी द्वारा जारी कर दिए जाते है, ताकि वारदात व घटना को तुरंत ट्रेस किया जा सके और अपराधिक किस्म के लोगों की तुरंत धरपकड़ की जा सके। व्हाट्सएप्प के माध्यम से अब पुलिस व जनता के संबंध ओर ज्यादा मजबूत होने लगे है। जनता अब सीधे पुलिस अधिकारियों से व्हाट्सअप के माध्यम से अपराध व अपराधियों के बारे में सूचना देने लगे है और सोशल मीडिया के माध्यम से जनता पुलिस के साथ अपनी बात भी सांझा करने लगी है।
एसपी साहब रहते है ऑनलाइन
पुलिस अधीक्षक हामिद अख्तर स्वयं भी व्हाट्सअप पर ऑनलाइन रहते है और उनके फेसबुक एकाउंट से भी सिरसा की जनता का जुड़ाव हुआ है। जनता के द्वारा दी गई सूचना को पढ़ते है और तत्काल अधीनस्थ अधिकारियों को कार्रवाई करने के निर्देश भी देते रहते है। व्हाट्सएप्प के अतिरिक्त एसपी साहब फोन पर भी हमेशा आने वाली कॉल को तुरंत एटेंड करते है और तुरंत एक्शन लेते हुए संबंधित अधिकारी को कार्रवाई के निर्देश देते है। व्हाट्सएप्प व फोन के माध्यम से जनता अब बिना किसी देरी व झिझक के बेखौफ होकर सूचना देने लगी है। पुलिस व जनता के इस नजदीकी के कारण अपराध व अपराधियों पर कारगर ढंग से अंकुश लगाने में पुलिस को काफी सहयोग मिल रहा है।
सोशल मीडिया पर भी आती है शिकायत        
हमारे पास सूचना सोशल मीडिया के माध्यम से आती है, उस संबंध में संबंधित पुलिस अधिकारी को कार्रवाई करने का निर्देश देते है। इसके अतिरिक्त व्हाट्सअप पर अपराध व अपराधियों के बारे में मिलने वाली सूचनाओं पर तुरंत एक्शन लिया जाता है।(हामिद अख्तर, पुलिस अधीक्षक, सिरसा)

सिरसा(प्रैसवार्ता)। मानवता भलाई के कार्यों के लिए कभी पहचान रखने वाला डेरा सच्चा सौदा उलझनों में उलझा हुआ है। डेरा सच्चा सौदा प्रमुख यौन ...

सिरसा(प्रैसवार्ता)। मानवता भलाई के कार्यों के लिए कभी पहचान रखने वाला डेरा सच्चा सौदा उलझनों में उलझा हुआ है। डेरा सच्चा सौदा प्रमुख यौन शोषण मामले में 20 वर्ष की सजा काट रहे है। डेरा प्रमुख को सजा होने के बाद डेरा सच्चा सौदा में श्रद्धालुओं की संख्या कम होने लगी, क्योंकि सत्संग व अन्य धार्मिक गतिविधियों के लिए प्रशासन से मंजूरी नहीं दी। आज डेरा सच्चा सौदा में स्थापना दिवस मनाया जा रहा है। प्रैसवार्ता के विश्वसनीय सूत्रों की मानें, तो हजारों की तादाद में डेरा श्रद्धालु डेरा सच्चा सौदा में एकत्रित हुए है। वहीं  प्रशासन ने भी सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए और डेरा सच्चा सौदा के आस-पास क्षेत्रों में नाके भी स्थापित किए हुए है।
आज के ही दिन हुई भी डेरा सच्चा सौदा की स्थापना
दरअसल सिरसा डेरा सच्चा सौदा के प्रथम संत शाह मस्ताना ने 1948 में डेरा को स्थापित किया था, जिस को लेकर हर साल डेरा में स्थापना दिवस मनाया जाता था। आज के ही दिन सिरसा डेरा सच्चा सौदा प्रमुख ने 2007 में जाम-ए-इंसा की शुरुआत की थी, इसलिए जाम-ए-इंसा दिवस भी मनाया जाता है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम किये गए हैं। सुरक्षा प्रबंधो के चलते हर आने जाने वाले वाहनों पर निगाह रखी जा रही है। हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी हुई है।

सिरसा(प्रैसवार्ता)। शहर के एक व्यापारी महेश कुमार बांसल को दो अन्य लोगों के साथ आईजी स्टॉफ हिसार रेंज द्वारा गठित नारकोटिक्स सेल की टीम ने...

सिरसा(प्रैसवार्ता)। शहर के एक व्यापारी महेश कुमार बांसल को दो अन्य लोगों के साथ आईजी स्टॉफ हिसार रेंज द्वारा गठित नारकोटिक्स सेल की टीम ने एक करोड़ दस लाख रुपये की नकद राशि के साथ काबू किया है। बताया जा रहा है कि महेश कुमार बांसल शहर में फर्जी फर्मों को लेकर पहले भी कई बार विवादों में रहे है और अब उनके इस नए विवाद से अनाज मंडी के अन्य व्यापारियों में भी पकड़ी गई इस हवाला राशि को लेकर हडकंप मच गया है। प्रैसवार्ता को मिली जानकारी के अनुसार आईजी स्टॉफ हिसार रेंज द्वारा गठित नारकोटिक्स सेल की टीम सब इंस्पैक्टर जंगीर सिंह के नेतृत्व में शुक्रवार बाद दोपहर डिंग थाना के सुचान क्षेत्र में स्थित टोल प्लाजा पर मौजूद थी और आने जाने वाले वाहनों को चैक कर रही थी। इसी दौरान फतेहाबाद की तरफ से आई-20 कार(एचआर24यू1742) आई, जिसकी तलाशी लेने पर यह राशि बरामद हुई। इस कार में ड्राईवर समेत तीन लोग मौजूद थे। इस कार को चत्तरगढ़पट्टी निवासी शशी कुमार चला रहा था और उसके साथ पुरानी हाऊसिंग बोर्ड कॉलोनी निवासी जयंत उर्फ बिट्टू बैठा था, जबकि पीछे की सीट पर व्यापारी महेश कुमार बांसल निवासी हुडा सिरसा बैठा था। महेश कुमार बांसल के पास एक बैग रखा हुआ था। सब इंस्पैक्टर जंगीर सिंह ने बताया कि जब उन्होंने बैग की तलाशी ली, तो उसमें काफी संख्या में नई करंसी बरामद हुई। महेश कुमार बांसल इस राशि के बारे में कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया। पुलिस ने बैग को कब्जे में लेकर करंसी की गिनती की। गिनती करने पर बैग से एक करोड़ दस लाख रुपये की राशि बरामद हुई। फिलहाल डिंग थाना में रपट दर्ज कर राशि को कब्जे में ले लिया गया है और कार्रवाई के संबंध में उच्चाधिकारियों को सूचित कर दिया गया है।