हरियाणा के बाद भाजपा का मिशन-पंजाब-2017

सिरसा(प्रैसवार्ता)। मिशन-हरियाणा की सफलता के बाद भाजपा ने मिशन कश्मीर और मिशन महाराष्ट्र पर होमवर्क शुरू कर दिया है, जबकि मिशन दिल्ली-2015 तथा मिशन पंजाब-2017 की रणनीति की तैयारी कर दी है। हरियाणा विधानसभा चुनाव में भाजपा को मिले स्पष्ट बहुमत से उत्साहित भाजपा ने मिशन-पंजाब 2017 के लिए भाजपा के पूर्व सांसद एवं फायर ब्रांड नेता नवजोत सिधु को जिम्मेवारी सौंप दी है, जिसके चलते जल्द ही भाजपा पंजाब के संगठनात्मक ढांचे में बदलाव करके प्रदेशाध्यक्ष सिधू को बनाया जा सकता है। नंजाब में भाजपा अकाली दल की सहयोगी है और हरियाणा विधानसभा चुनाव में अकाली दल के दिग्गज एवं पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने अपने बेटे सुखबीर बादल उप मुख्यमंत्री पंजाब के साथ भाजपा प्रत्याशियों का विरोध किया था, जिस पर भाजपा अकाली दल को राजनीतिक पटकनी देने के मूड में नजर आ रही है। हरियाणा विधानसभा चुनाव में नवजोत सिधू ने अकाली दल को आड़े हाथों लिया और अकाली नेताओं पर ताबड़-तोड़ प्रहार किए थे। शायद यही कारण रहा होगा कि पंजाब सरकार ने सिधू की सुरक्षा वापिस ले ली थी। भारी कर्ज में डूबे पंजाब को विकास कार्यों के लिए केंद्र से राहत पैकेज की जरूरत थी, मगर केंद्र सरकार द्वारा किसी भी प्रकार की राहत देने से इंकार करने पर राज्य सरकार की आर्थिक स्थिति पूरी तरह से डांवाडोल हो गई है। दूसरी तरफ भाजपा का शीर्ष नेतृत्व साढ़े सात वर्ष के कार्यकाल में अकाली दल द्वारा सहयोगी भाजपा पर बनाया गया दवाब, अनदेखी का गहरा मंथन कर इस स्थिति पर पहुंच गया कि अकाली दल द्वारा भाजपा को दिए गए प्रेम पटोलो का ब्याज सहित भुगतना किया जाए। पंजाब में सुखबीर बादल के अकाली दल के प्रधान बनने उपरांत शहरी क्षेत्रों में टैक्सों के बोझ लादकर भाजपा के शहरी वोट बैंक को समाप्त करने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में सुविधाएं उपलब्ध करवाकर अकाली दल का जनाधार बढ़ाने के प्रयास से भाजपा को गहरा घाव दिया है, जिससे उभरने  के प्रयास भाजपा शुरू कर चुकी है। भाजपा द्वारा पंजाब सरकार पर इस बात का दवाब बनाया जा रहा है कि वह कृषि क्षेत्र को दी जाने वाली मुक्त बिजली बंद कर दी जाए। यदि ऐसा होता है, तो अकाली दल को सबसे बड़ा राजसी झटका लगेगा और ग्रामीण वोट खिसक जाएंगे। भले ही इसका खामियाजा भाजपा को भुगतना पड़े। मगर शहरी वोट में भाजपा जरूर फायदे में रहेगी, क्योंकि बिजली सबसिडी के लिए, जो पैसा शहरी लोगों पर भारी भरकम बिजली बिलों के कारण पड़ता था, उससे रात जरूर मिलेगी। पार्टी के पास इस समय अकाली पार्टी का मजबूती से सामना करने वाला कोई दिग्गज नहीं है, जो इस मामलों को तेजी और मजबूती से उठाकर बादल बधुंओं को कटघरे में खड़ा कर सके। इसके लिए भाजपा ने राष्ट्रीय नेतृत्व को भाजपा पंजाब के मौजूदा प्रधान कमल शर्मा से ज्यादा उम्मीद न होने का संकेत दे दिया है। दूसरी तरफ हरियाणा विधानसभा चुनाव में बादल बंधुओं के खिलाफ नवजोत सिधू द्वारा की गई ताबड़ तोड़ बैटिंग ने बादल बंधुओं की नींद उड़ा दी है और बादल बंधुओं का अस्तित्व  की दाव पर लगा दिया। अब भाजपा नवजोत सिधू को बादल बंध्ुाओं के खिलाफ खुलकर बैटिंग करने पर विचार कर रही है, जिसके लिए किसी भी समय नवजोत सिधू को भाजपा-पंजाब की कमान सौंपी जा सकती है।

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