सिरसा, जहां फल-फूल रही है सट्टेबाजी : धन्ना सेठ रखते है रिमोट - The Pressvarta Trust

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Sunday, October 12, 2014

सिरसा, जहां फल-फूल रही है सट्टेबाजी : धन्ना सेठ रखते है रिमोट

सिरसा(प्रैसवार्ता)। सट्टाबाजार का रिमोट अपने हाथ रखने वालों के कारिंदों ने चुनावी मौसम में हरियाणा के हर छोटे बड़े शहर-कस्बों में सट्टेबाजारी को एक व्यापार का रूप दे दिया है, जिसके चलते राजनीतिक पार्टियों और प्रत्याशियों की जीत-हार, घटते-बढ़ते आंकड़े में उतार-चढ़ाव होने लगा है। सट्टेबाज प्रत्याशियों की राजनीति स्थिति को देखकर सट्टे का भाव तय करते है। हरियाणवी मतदाताओं ने पिछले चुनावों में सट्टेबाजों तथा चुनावी सर्वेक्षणों पर अनेकों बार ग्रहण लगाया है और इसी परंपरा को भविष्य में भी अपना सकते है। राजनीतिक दल और प्रत्याशी भी सट्टा बाजार पर नजरें रखे हुए है, जबकि कुछ प्रत्याशी अपना भाव बढ़ाले के लिए अपनों के बीच ही शर्तें लगाए रखते है। उम्मीदवरों की सोच है कि सट्टा बाजार उनकी राजनीतिक स्थिति से अवगत कराता है। भिवानी, पानीपत के बाद सिरसा स्टोरियों का मुख्य केंद्र बन चुका है, जिसका नेटवर्क पूरे भारत में काम करता है। 15 अक्टूबर को होने वाले हरियाणा विधानसभा के चुनाव को लेकर करोड़ों रूपयों का सट्टा लग चुका है। पुलिसिया तंत्र इसकी जानकारी रखता है, मगर साक्ष्यों की कमी के चलते कार्रवाई करने में गंभीर नहीं दिखाई देता। राज्य की ज्यादातर विधानसभाई सीटों पर बहुकोणीय मुकाबलों ने सट्टेबाजों को उलझा दिया है और उन्हें  राजनीतिक जानकारी एकत्रित करने के लिए अपने करिन्दों के माध्यम से मतदाताओं के विचार, चुनाव प्रचार, भीड़ का आंकड़ा तथा भीतरघात जैसी जानकारी लेनी शुरू कर दी है। शायद यहीं कारण है कि सट्टा बाजार में भावों में काफी उतार चढ़ाव आ रहा है, क्योंकि कारिंदों का सर्वे व रिपोर्टस मिलने पर सटोरिए भाव बनाते है। केवल इतना ही सट्टेबाज प्रत्याशियों के स्टार प्रचारकों की रैलियां, राजसी दिग्गजों की जनसभाओं व खरीद-बेच वाले मतदाताओं पर भी नजरें रखते है।

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