इनैलो के गढ़ में सेंधमारी न कर सकी भाजपा, डेरा समर्थन भी काम नहीं आया - The Pressvarta Trust

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Sunday, October 19, 2014

इनैलो के गढ़ में सेंधमारी न कर सकी भाजपा, डेरा समर्थन भी काम नहीं आया

सिरसा(प्रैसवार्ता)। हरियाणा में मोदी लहर का असर विधानसभा चुनाव में स्पष्ट दिखाई दिया है और प्रदेश में भाजपा ने बागी, दागी व अवसरवादी राजसी दिग्गजों को गले लगाकर तथा डेरा सच्चा सौदा के राजनीतिक प्रकोष्ठ का समर्थन जुटाकर सत्ता तक पहुंचने के लिए हर साम-दाम-दंड-भेद अपनाया, जिसका फायदा भाजपा को मिला। डेरा सच्चा सौदा के भारी श्रद्धालुओं की फौज भी भाजपा के साथ चलकर इनैलो के गढ सिरसा संसदीय क्षेत्र में सेंध लगाने में सफल नहीं हुए, बल्कि इनैलो ने कांग्रेस के एक तथा दो निर्दलीय विधायकों की सीटें छीनकर नौ विधानसभा क्षेत्रों वाले सिरसा संसदीय क्षेत्र में आठ पर विजयी परचम लहराया है। इनैलो ने सिरसा के विधायक तथा कांग्रेस प्रत्याशी तथा रतिया से कांग्रेसी विधायक जरनैल सिंह को हराया है। वर्र्तमान में इनैलो ने सिरसा संसदीय क्षेत्र के डबवाली, रानियां, सिरसा, ऐलनाबाद, फतेहाबाद, रतिया व नरवाना में जीत हासिल की है, जबकि कालांवाली से शिरोमणी अकाली दल का प्रत्याशी सफल हुआ है, जिसे इनैलो का समर्थन हासिल था। सिरसा संसदीय क्षेत्र के मतदाताओं ने डबवाली से डॉ.अजय चौटाला की धर्मपत्नी नैना सिंह चौटाला, रानियां से रामचंद्र कंबोज, ऐलनाबाद से अभय चौटाला, सिरसा से मक्खन सिंगला, फतेहाबाद से बलवान दौलतपुरिया, रतिया से रविंद्र बलियाला तथा नरवाना से पृथ्वी सिंह को इनैलो विधायक बनाकर विधानसभा भेजा है। भाजपा को सिरसा संसदीय क्षेत्र में मिली पराजय से भाजपाई दिग्गज प्रौ.गणेशी लाल के राजनीतिक कद को बड़ा झटका लगा है, क्योंकि उन्होंने ही कांग्रेस के पूर्व विधायक जगदीश नेहरा, कांग्रेस के पूर्व मंत्री स्व.लछमण दास अरोड़ा की राजनीतिक वारिस सुनीता सेतिया, इनैलो नेत्री पूर्व विधायिका स्वतंत्र बाला चौधरी, इनैलो नेता मेहता रामचंद्र व पवन बैनीवाल को भाजपा में प्रवेश दिलाया था, जिसमें राम राज मेहता को छोड़कर अन्य को चुनावी समर में उतारा था, मगर कोई भी जीत नहीं सका। केवल इतना ही नहीं डेरा सच्चा सौदा के भाजपा समर्थन की भी पोल खुल गई है।

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