नाबालिग से दोस्‍ती कर बनाया ड्रग्‍ा एडिक्‍ट, गैंगरेप कर वेश्‍यावृत्ति में धकेला

मुंबई। एक नाबालिग लड़की को लगातार ड्रग्‍स देकर उससे गैंगरेप करने और जबरन वेश्‍यावृत्ति के लिए मजबूर करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने तीन लोगों को अरेस्‍ट किया है जिनमें एक महिला भी शामिल है। पुलिस के मुताबिक, 15 साल की पीडि़ता जब कोचिंग सेंटर जाती थी तब आरोपियों ने उससे दोस्‍ती कर ली। इसके बाद उसे ड्रग्‍स का आदी बना दिया गया और कई बार ओवरडोज देकर गैंगरेप किया गया। उससे पैसे की मांग की जाती थी और आरोपी उसके घरवालों को धमकाते भी थे। पीडि़ता एक प्रभावशाली परिवार से ताल्‍लुक रखती है और उसके पिता एक निजी प्राइवेट फर्म में सीनियर एक्‍जीक्‍यूटिव हैं।

कोचिंग सेंटर के पास की दोस्‍ती 
                           तीनों आरोपियों की पहचान जस्टिन धनराज, रीना जोसेफ और नितेश वामन के रूप में हुई है। पुलिस का कहना है कि धनराज और नितेश पिछले तीन साल से नाबालिग से गैंगरेप कर रहे थे। पीडि़ता 2011 में जब नेरूल इलाके में कोचिंग कर रही थी तभी वह आरोपियों की नजर में आई। धनराज ने तब उससे दोस्‍ती की और बाद में उसे बाकी दोनों आरोपियों से मिलवाया। जब वह आरोपियों के साथ घुल-मिल गई तो उन्‍होंने उसे सिगरेट में गांजा और हशीश मिलाकर पिलाना शुरू कर दिया। जब पीडि़ता ड्रग्‍स की आदी हो गई तो आरोपियों ने नशे की हालत में उसके साथ गैंगरेप करना शुरू कर दिया। बाद में आरोपी लड़की के परिवारवालों से पैसे मांगने लगे और उन्‍हें धमकाने लगे।

पीडि़ता ने सुनाई आपबीती
                  नाबालिग ने पुलिस के पास शिकायत में बताया कि कैसे आरोपियों ने उसे अपने चंगुल में फंसाया। उसने कहा, "कोचिंग क्‍लास करने के बाद मैं तीनों के साथ घूमती थी। सबसे पहले उन्‍होंने मुझे एक सिगरेट ऑफर की जिसमें गांजा और हशीश भरा हुआ था। जब मैंने उसे पीने से इनकार कर दिया तो उन्‍होंने दबाव बनाकर सिगरेट पिला दी। धीरे-धीरे मुझे भी ऐसा करना अच्‍छा लगने लगा और मैं इन चीजों की आदी हो गई। शुरुआत में वे मुझे मुफ्त में ड्रग्‍स देते थे, लेकिन फिर पैसे की मांग करने लगे। मुझे घर से जो पैसे मिलते थे, उसे मैं इन लोगों को देने लगी। घर से पैसे लेने के लिए मैं झूठ बोलने लगी और कई बार चोरी भी की।  
     
सितंबर 2012 में मेरे पास पैसे नहीं थे। जब मैंने ड्रग्‍स की मांग की तो आरोपियों ने मुझे इसकी ओवरडोज दे दी। उन्‍होंने मुझसे कहा कि जल्‍द ही पैसे की कमी का हल निकल आएगा और मुझे ड्रग्‍स की कमी नहीं होगी। तब उन्‍होंने नवी मुंबई के शिखाने स्थित एक लॉज में अज्ञात शख्‍स के साथ मुझे सेक्‍स के लिए मजबूर किया। इस वाकये के बाद धनराज और वामन ने कई बार मेरे साथ गैंगरेप किया।

दिसंबर 2013 में मुझे फिर ड्रग्‍स का ओवरडोज दिया गया और नेरूल स्थित धनराज के घर ले जाया गया। इसके बाद क्‍या हुआ, मुझे कुछ याद नहीं रहा। जब मुझे होश आया तो आरोपियों ने मुझसे कहा कि मैं पिता को फोन कर 70 हजार रुपए मांगूं। मैंने ऐसा करने से इनकार कर दिया और किसी तरह उनके चंगुल से भागने में कामयाब रही।"

परिवार को धमकाते थे आरोपी
                         एक पुलिस अधिकारी ने कहा, "पीडि़ता ने अपने पिता को हर बात की जानकारी दी, लेकिन समाज में बदनामी के डर से उन्‍होंने कुछ नहीं किया। इसके बाद मामला ठंडे बस्‍ते में चला गया। कुछ वक्‍त बाद आरोपी फिर से पीडि़ता को धमकाने लगे और उसके परिवार से पैसे की मांग करने लगे। पैसे नहीं देने की सूरत में वे नाबालिग के परिजनों की हत्‍या की धमकी भी देने लगे। इसके बाद परिजनों ने मामले की शिकायत पुलिस में की और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।"

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