अब नगर परिषद चुनाव की तैयारी में जुटे राजसी दिग्गज - The Pressvarta Trust

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Friday, October 31, 2014

अब नगर परिषद चुनाव की तैयारी में जुटे राजसी दिग्गज

सिरसा(प्रैसवार्ता)। लोकसभा, विधानसभा चुनाव निपटा चुके राजसी दिग्गजों ने नगर परिषद सिरसा के चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है तथा यह दिग्गज भावी रणनीति में जुट गए है। इनैलो विधायक मक्खन लाल सिंगला, कांग्रेसी नेता नवीन केडिया, भाजपा नेत्री सुनीता सेतिया, हलोपा सुप्रीमों गोपाल कांडा इत्यादि ने परिषद चुनाव को लेकर अपनी अपनी रणनीति को अमलीजामा पहनाने के लिए शुरू  हो गए है। वर्तमान में नगर परिषद सिरसा पर इनैलो का कब्जा है, जबकि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार रही है। कांग्रेस और इनैलो की आंख मिचौली से विकास कार्यों के लिए पैसा तो आया, मगर विकास अपनी बेबसी पर आंसू बहाता रहा। शहर में इक्का-दुक्का हुए विकास कार्य जांच के दायरे में उलझ कर रह गए है। परिषद का चुनाव लडऩे के इच्छुकों के पसीने छूट रहे है, क्योंकि विधानसभा चुनाव में पांच हजार रूपये तक वोट बिक चुके है। बिकाऊ वोटरों की नजरें परिषद चुनाव पर है। परिषद के चुनावों की घोषणा कभी भी हो सकती है, इसके लिए इच्छुकों ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है।  कांग्रेस टिकट से परिषद के चुनावी समर में उतरने वालों ने कांग्रेसी नेता नवीन केडिया, भाजपाई इच्छुकों ने भाजपा नेत्री सुनीता सेतिया, इनैलो के लिए विधायक मक्खन सिंगला तथा हलोपा की पतंग उड़ाने वालों को गोपाल कांडा व गोबिंद कांडा के इर्द-गिर्द मंडराता देखा जा रहा है। कांग्रेस तथा भाजपा टिकट के इच्छुकों का आंकड़ा ज्यादा नजर आ रहा है, जबकि इनैलो का चश्मा चढ़ाने वाले भी कम नहीं आंके जा रहे। केंद्र व प्रदेश में भाजपाई सरकार बनने से उत्साहित भाजपा ने भी नगर परिषद पर कब्जा करने के लिए जोड़-घटाना शुरू कर दिया है। मतदाताओं को आकर्षित किया जाने लगा है कि वह सरकार से ग्रांट इत्यादि दिलवाकर शहर के विकास को नई दिशा देंगे। परिषद सिरसा में चेयरमैन का पद एस/टी के लिए आरक्षित है, जिसके लिए आरक्षित वार्डों पर सभी राजसी दिग्गजों की पैनी दृष्टि तो है, मगर इन वार्डों में बिकाऊ मतदाताओं ने भी बेचैनी बढ़ाई हुई है। शहरी मतदाता भी इनैलो की परिषद बनाकर पछता रहे है, क्योंकि सरकार कांग्रेस की थी। इस बार मतदाताओं की सोच में बदलाव देखा जा रहा है। हरियाणा का राजनीतिक इतिहास इस बात का गवाह है कि सत्ता परिवर्तन के साथ ही पालिका/परिषद के चुनाव भी हो जाते है। परिषद चुनाव को लेकर राजनीतिक बिसात बिछनी शुरू हो चुकी है और मतदाता भी बेसब्र्री से परिषद चुनाव का इंतजार कर रहे है।

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