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Sunday, October 12, 2014

जेसीडी बहुतकनीकि संस्थान के विद्यार्थियों ने किया एनआईटीटीटीआर का शैक्षणिक भ्रमण

सिरसा(प्रैसवार्ता)। जेसीडी विद्यापीठ में स्थापित बहुतकनीकि संस्थान के विद्यार्थियों का एक दल विगत दिवस इंजी. चमनप्रीत कौर एवं इंजी. गौरव सोनी की अगुवाई में एनआईटीटीटीआर चंडीगढ़ में दो दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण करके लौटा। इस दो दिवसीय भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने चण्डीगढ़ के इस तकनीकी संस्थान के साथ-साथ अनेक लौकिक एवं रमणीक स्थलों का भी भ्रमण करके उनके बारे में जानकारियां हासिल करके अपने सामान्य ज्ञान को बढ़ाया तथा मनोरंजन किया। इस भ्रमण में संस्थान के कुल 36 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया।  संस्थान के प्राचार्य डॉ. गुरचरण दास ने सभी विद्यार्थियों को भ्रमण लौटने पर उनसे उनके अनुभव सांझे किए तथा सफलतम कार्यक्रम की विद्यार्थियों को बधाई भी दी। उन्होंने कहा कि जेसीडी विद्यापीठ में समय-समय पर ऐसे शैक्षणिक भ्रमणों का आयोजन करके विद्यार्थियों के सामान्य ज्ञान में वृद्धि की जाती है तथा अनेक ऐतिहासिक एवं रमणीक स्थानों के बारे में उनको अपडेट किया जाता है। डॉ. दास ने कहा कि हमारा उद्देश्य सदैव विद्यार्थियों का ऐसे आयोजनों के माध्यम से सर्वांगीण विकास करना है, जिसके लिए हम सदैव तत्पर हैं तथा निकट भविष्य में भी इस प्रकार के आयोजन करवाते रहेंगे। इस भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को पहले दिन एनआईटीटीटीआर के सौजन्य से चंडीगढ़ की लौकिक स्थानों पर घुमाया गया तथा इसके दूसरे दिन के पहले चरण में डॉ. पी.के. सिंगला द्वारा उन्हें बातचीत की कला व व्यक्तिगत विकास से सम्बन्धित विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की गई। तत्पश्चात् विद्यार्थियों को सामूहिक चर्चा एवं साक्षात्कार में अपना बेहतर प्रदर्शन बारे भी बताया गया। इसी के साथ किसी भी प्रकार की प्रायौगिक या प्रतियोगी परीक्षाओं में किस प्रकार से तैयारी की जाए तथा प्रश्रों को किस प्रकार से हल किया जाया इस बारे भी जानकारी दी गई। इन सबके बारे में विद्यार्थियों को एनआईटीटीटीआर के डॉ. एस.पी. बेदी एवं डॉ. सुनील दत्त द्वारा विस्तारपूर्वक जानकारियां प्रदान की गई। वहीं विद्यार्थियों ने इस दो दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण के दौरान प्राप्त किए अनुभव को सांझा करते हुए कहा कि यह हमारे लिए अति हर्ष एवं उल्लास का समय रहा क्योंकि जिन जानकारियों के बारे में हमने केवल किताबों में पढ़ा था उसे स्वयं के अनुभव द्वारा सीखकर हमारा और अधिक ज्ञान बढ़ा है तथा हम हमारे प्रबन्धकीय अधिकारियों, कॉलेज स्टाफ एवं लेक्चररों के सदैव आभारी रहेंगे कि वे इतनी महत्वपूर्ण जानकारियों को हम तक पहुंचाने में सदैव हमारा सहयोग प्रदान करते रहते हैं। 

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