पंजाब में अगले वर्ष हो सकते है विधानसभा चुनाव

चंडीगढ़(प्रैसवार्ता)। अकाली दल की सहयोगी भाजपा के बदलते सुर से कांग्रेस तथा पीपुल्स पार्टी ऑफ पंजाब(पीपीपी) की राजनीतिक गतिविधियों में तेजी आ गई है और अकाली-भाजपा तालमेल पर ग्रहण के बादल नजर आने लगे है। पीपीपी सुप्रीमों मनप्रीत बादल ने अगले वर्ष विधानसभा चुनाव होने का शगूफा भी छोड़ दिया है। बादल सरकार के मंत्री, जोकि उपमुख्यमंत्री सुखबीर बादल के साले तथा केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल के सगे भाई विक्रमजीत मजीठिया को ड्रग माफिया से मिली भगत के आरोपों पर मनप्रीत बादल ने टिप्पणी की है, कि वह मंत्री पद से त्यागपत्र देकर जांच में शामिल हो। मनप्रीत बादल यह भी कहते है कि दिल्ली विधानसभा चुनाव के बाद पंजाब के चुनाव भी अगले वर्ष के जुलाई-अगस्त महीनें में हो सकते है। भाजपा अकाली दल को किसी भी समय छोड़ सकती है, जिसका संकेत भाजपाई दिग्गजों के बदलते सुर देते है। भाजपाई दिग्गज एवं पूर्व सांसद नवजोत सिधू के बादल पर ताबड़तोड़ हमले भाजपा की भावी रणनीति का एक भाग है, जो हरियाणा की तर्ज पर अपने बलबूूते पंजाब में सरकार बनाना चाहती है।

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