मोटापा में पंजाब प्रदेश पहले नंबर पर

चंडीगढ़(प्रैसवार्ता)। नैशनल फैमिली हैल्थ सर्वे के सर्वेक्षण में पंजाबी मोटापा देशभर में पहले नंबर पर है, जिसकी चपेट में 30 प्रतिशत पुरूष तथा 37 प्रतिशत महिलाएं है, जबकि देश में 14 प्रतिशत पुरूष व 16 प्रतिशत महिलाएं ओवरवेट है। पीजीआई में सर्जिकल गेस्ट्रोइट्रेलाजी के प्रौ. राजेश गुप्ता के मुताबिक मोटापा भारत में साइलैंट किलर की तरह काम कर रहा है। आरामदेह जिंदगी, कैलोरी वाला भोजन तथा व्यायाम की कमी इसे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे है। जेनेटिक फैक्टर व भावनात्मक कारण भी मोटापा होने के मुख्य कारणों में से एक है। मोटे लोगों को बीमारी होने का सबसे ज्यादा खतरा रहता है, क्योंकि मोटापे से डी-जनरेटिव ज्वाईंट डिजीज जैसे लोक बैक पेन, हाई ब्लडप्रैशर, नींद में कमी, गेस्ट्रो इसोफेगल रीपलक्स डिजीज(खाना खाने के बाद खाना गले की तरफ आना), गॉल स्टोन डिजीज, टाईप टू डायबिटीज, हाईपर लिपिडिमियां, हाईपर कोलेस्ट्रोलीमिया, अस्थमा, हाइपोवेटीलेशन सिंड्र्रोम, दिल की बीमारियां जैसे कार्डियक आरिथमियास, हार्टअटैक, माईग्रेन, अलसर, फंगल स्किन, रेशिश, फोडे, पेशाब में अनियमितता, इनफर्टिलिटी, माहवारी में दर्द, डिस्प्रेशन, हरनियां और कैंसर का खतरा रहता है। प्रौ. गुप्ता का यह भी कहना है कि मोटापा से मुधमेह, हाईपरटेंशन व सिंड्रोम में खराबी आ सकती है। मोटापे के कारण ही हार्ट अटैक के मामले बढ़े है। मोटापे पर नियंत्रण का मशविरा देते हुए वह कहते है कि डाईट ठीक ठाक रखनी चाहिए, जिंक फूड, हाई क्लौरी फूड के साथ नियमित शारीरिक श्रम बेहद जरूरी है। मोटेे लोगों को सैर जरूर करनी चाहिए।

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