हरियाणा में भाजपाई दिग्गजों की नजरें है बोर्ड-निगमों की चेयरमैनी पर

सिरसा(प्रैसवार्ता)। हरियाणा में भाजपा सरकार बनते ही भाजपाई दिग्गजों की नजरें बोर्डों तथा निगमों की चेयरमैनी पर टिक गई है, जिसके लिए उन्होंने प्रयास भी शुरू कर दिए है। प्रदेश की कांग्रेसी शासन में कांग्रेसी दिग्गज चेयरमैनी के लिए तरसते रहे थे, क्योंकि अफसरशाही सरकार पर हावी थी। हुड्डा सरकार ने अपने कार्यकाल में हरियाणा किसान आयोग, माटी कला बोर्ड, केश कला बोर्ड, पुलिस भर्ती बोर्ड, हरियाणा स्कूल अध्यापक भर्ती बोर्ड, एससी आयोग, सेवा का अधिकार आयोग, अल्प संख्यक आयोग व हरियाणा राज्य मानवाधिकार आयोग समेत कई अन्य आयोगों के गठन बनाकर चेयरमैन, सदस्य व कार्यालय के रख रखाव पर लाखों रूपये प्रतिमास खर्च किए, जिनमें इक्का दुक्का आयोग ही कामयाब कहा जा सकता है। ऐसी चर्चाएं है कि खर्च घर ऐसे आयोग भंग किए जा सकते है। खट्टर सरकार राज्य के सभी बोर्डों, निगमों के अध्यक्षों व सदस्यों को पहले ही बाहर का रास्ता दिखा चुकी है और इसी के साथ भाजपाई दिग्गजों में चेयरमैनी हथियाने की दौड़ शुुरू हो गई है। भाजपा नेताओं में उम्मीद हुलारे मार रही है कि लालबत्ती वाली कार उन्हें जरूर हासिल होगी, जिसके लिए वह अपने राजनीतिक आकाओ की हाजरी में जी-जान से जुट गए है।

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