हरियाणा पुलिस नहीं बता रही रद्द मुकद्दमों का रहस्य

सिरसा(प्रैसवार्ता)। हुडा प्लॉट आवंटन में हुए 250 करोड़़ रूपये के घोटाले को दबाए जाने के प्रयास किए जा रहे है। प्रैसवार्ता को मिली जानकारी के अनुसार गुडग़ांव के एक आरटीआई कार्यकर्ता एस के शर्मा द्वारा उजागर किए गए घोटाले में सिरसा के 6, हिसार के 17, भिवानी के एक, जगाधारी के 15, कैथल के 2, रोहतक के 5, कुरूक्षेत्र के 5, जींद के 1, करनाल के 24, पानीपत के 22, रेवाडी के 15, सोनीपत के 36, झज्जर के 21, गुडग़ांव के 16, अंबाला के 35, फरीदाबाद के 17 तथा पंचकुला के चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सात नवंबर को दाखिल  स्टे्टस रिपोर्ट से पता चला है कि फर्जी दस्तावेजों के जरिए हुड्डा के रिजर्व कैटेगरी के प्लॉट देने के मामले सिरसा व हिसार में दर्ज मामले पुलिस ने रद्द करने शुरू कर दिए थे। न्यायमूर्ति दया चौधरी की अदालत में दाखिल 27 पेज की रिपोर्ट में डीएसपी सीएम फ्लाईंग अभय सिंह ने बताया कि सिरसा में पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर 12 लोगों को आरोपी बनाया गया था। इस मामले में 24 दिसंबर 2012 को गिरफ्तार असिस्टैंट कमांडर धर्मवीर सिंह को जेल भेजा गया था, जो एक वर्ष तक जेल में रहने के बाद जमानत पर है। धर्मवीर सिंह के खिलाफ दर्ज मामले को छोड़कर अन्य मामले दर्ज किए जा चुके है। इसी प्रकार सिविल लाईन्स हिसार थाने में 9 अक्टूबर 2013 को 17 सैन्य श्रेणी के आवंटियों के खिलाफ दर्ज मामलों को रद्द किया जा चुका है। डीएसपी ने अदालत को बताया कि संबंधित पुलिस स्टेशन के अधिकारी स्पष्ट नहीं कर रहे कि मामले क्यों रद्द किए है, जबकि मामला हाईकोर्ट में हैं। अदालत ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और मामले की सुनवाई 12 नवंंबर को करेगी। 

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