फिरते है जाली पत्रकार

कालांवाली(प्रैसवार्ता)। प्रैस शब्द लिखे वाहनों की क्षेत्र में इन दिनों बढ़ रही तादाद से परेशान कई संस्थाओं ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि प्रैस लिखे वाहनों की पूर्णतया जांच पड़ताल कर यह सुनिश्चित किया जाए कि वाहन मालिक वास्तव में प्रैस से संबंधित हैं या नहीं। कस्बा की विभिन्न संस्थाओं के अनुसार इन दिनों कालांवाली-रोड़ी में प्रेस लिखे वाहनों की संख्या में बेतहाशा वृद्धि हो रही है। उनका कहना है कि अपने वाहनों पर प्रैस लिखवाकर अनेक लोग घूम रहे है, जो ऐसे ऐसे स्थानों पर पहुंच जाते हैं जहां पहुंचने का अधिकार सिर्फ मीडिया से जुड़े लोगों को होता है। उल्लेखनीय है कि कई लोग अपने वाहनों पर प्रैस लिखवाना स्टेटस सिम्बल मानते हैं, जबकि उनका दूर दूर तक प्रैस से कोई लेना देना नहीं होता। क्षेत्र के कई लोगों ने कहा कि प्रेस से कोई नाता न होने के बावजूद कई लोगों द्वारा अपने वाहनों पर प्रेस लिखवा लेने से पत्रकारों को मानसिक रूप से परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि रोड़ी-कालांवाली में एक दर्जन ही पत्रकार हैं, परंतु गौर करने पर सामने आएगा कि 30 से भी अधिक वाहन चालकों ने अपने वाहनों पर प्रैस लिखवा रखा है। उन्होंने रोड़ी/कालांवाली के पुलिस के थाना अधिकारियों से मांग की कि रोड़ी/कालांवाली के विभिन्न स्थानों पर बिना कागजातों के वाहनों की धरपक्कड़ करने वाले पुलिस दल को इस बात के सख्त निर्देश दिए जाएं कि वे प्रैस लिखे वाहनों को पूर्ण जांच पड़ताल के बाद ही जाने दें तथा पत्रकारिता से वास्तव में जुड़े पत्रकारों के वाहनों के नंबर की लिस्ट भी नाकाबंदी करने वाले पुलिस दल को उपलब्ध करवाई जाए ताकि पे्रस शब्द की दुरप्रयोग पर अंकुश लगाया जा सके।

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