प्रॉपर्टी कारोबार में खप रहा है काला धन

कैथल(राजकुमार अग्रवाल)। कैथल ने विगत 10 सालों में बहुत विकास किया है जिसके कारण जिले में प्रापर्टी का कारोगार अपने पुरे शुमार पर है। जिले  के प्रॉपर्टी कारोबार में अथाह काला धन खप रहा है। शहर के गली-कूचों तक प्रॉपर्टी कारोबार का धंधा फल-फूल रहा है। प्रॉपर्टी कारोबार में काले धन की खपत किस प्रकार से हो रही है इसका जायजा लेने का प्रयास कैथल के पत्रकार राजकुमार अग्रवाल ने किया। इस दौरान चौंकाने वाली जानकारी मिली। एक प्रॉपर्टी डीलर ने साफ तौर पर कहा कि सर्कल रेट के हिसाब से प्रॉपर्टी का जितना रेट होगा उसका तो डीडी देना होगा। जो पूरी तरह से वाइट मनी होगी। इसके बाद जो राशि बचती है उसका पेमेंट कैश में करना होता है, जो ब्लैक मनी होगी। खास बात यह भी है कि इस कारोबार को गैर पंजीकृत डीलर चला रहे है। एक अनुमान के मुताबिक जिले में प्रॉपर्टी डीलरों की संख्या हजारों में है। नियमों के मुताबिक प्रॉपर्टी कारोबार में लगे डीलरों का जिला प्रशासन के यहां रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी होता है। जिले में रजिस्टर्ड प्रॉपर्टी डीलरों की संख्या सैंकड़ों मे है।जिला प्रशासन को भी पंजीकृत प्रापर्टी डीलरों की आधिकारिक संख्या का पता नहीं है।  प्रॉपर्टी के जानकारों का कहना है कि यह भी काले धन को संरक्षित करने जैसा ही मामला है। इसके साथ ही एक खास बात यह भी है कि बिना रजिस्ट्रेशन के प्रॉपर्टी डीलिंग करने वालों पर कभी कोई कार्रवाई नहीं हुई। आरटीआई एक्टिविस्ट नरेश कश्यप का कहना है कि प्रॉपर्टी के खरीद में ब्लैक मनी का उपयोग बहुत ज्यादा होता है। मगर प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त का मामला कंट्री एंड टाउन प्लानिंग के अंतर्गत आता है। संवाददाता ने प्रॉपर्टी खरीदार बनकर शहर के हुड्डा सेक्टरों में स्थित एक नामी प्रॉपर्टी डीलर के यहां फ्लैट खरीदने के बारे में बात की। तो प्रॉपर्टी डीलरने कहा कि  55 लाख रुपये पेमेंट एक साथ करना होगा जिसमें 33 लाख का डीडी देना होगा और बाकी 22 लाख पेमेंट ब्लैक (नगद) देना होगा।

No comments