नियमों को ताक पर रखकर अस्पतालों में खुली दुकानें

सिरसा(प्रैसवार्ता)। जिला सिरसा के ज्यादातर निजी अस्पतालों में एमसीआई के नियमों की अवहेलना हो रही है, जिस कारण रोगियों को आर्थिक शोषण का शिकार होना पड़ रहा है।  एमसीआई के नियम अनुसार किसी भी निजी अस्पताल में बगैर लाईसैंस के मैडिकल स्टोर नहीं खोला जा सकता। निजी चिकित्सक केवल इमरजैंसी के लिए दवाईयां रख सकते है, जबकि चिकित्सक केवल स्वास्थय सुविधाओं का हवाना देकर स्वयं डिस्पैंसरी खोलकर रोगियों को दवा दे सकते है। जिला सिरसा के उपमंडल डबवाली, ऐलनाबाद व सिरसा के अतिरिक्त डिंग मंडी, कालांवाली, रानियां, ओढ़ा, नाथूसरी चौपटा, बड़ागुढ़ा स्थित निजी चिकित्सालयों में दवाईयों की दुकानें खुली हुई है, जिनसे निजी चिकित्सक हजारों रूपये प्रतिमास वसूलते है, जबकि निजी चिकित्सालयों में खुली दवा दुकानों में जरूरतमंदों का आर्थिक शोषण किया जाता है। कई चिकित्सालयों की निजी दुकानों में तो सैंपल वाली दवाईयों की बिक्री बेरोक होती है। ऐसे भी चिकित्सकों की जिला भर में कमी नहीं है, जिनकी लिखी दवाईयां उनके ही निजी दवा दुकान से मिलती है। शहर के एक एंटी करैपशन एंड क्राईम ट्रस्ट द्वारा इस पर अंकुश लगाने के लिए पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर करने कानूनी विचार-विमर्श किए जाने की भी चर्चा है। 

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