दलित समाज नेत्री संजू बाला एडवोकेट के साथ वकीलों ने किया अभद्र व्यवहार

सिरसा(प्रैसवार्ता)। दलित समाज की नेत्री संजू बाला जोकि जिला न्यायालय सिरसा में बतौर अधिवक्ता प्रैक्टिस करती है, के साथ बार एसोसिएशन की एक मीटिंग में जो दुव्र्यवहार किया गया है, वह अशोभनीय है। दलित समाज इसका विरोध करता है। अगर प्रशासन ने इस मामले में जल्द ही कोई कार्रवाई नहीं की तो दलित समाज आने वाले समय में प्रशासन के खिलाफ धरना-प्रदर्शन करेगा। यह बात बाल्मीकि समाज के प्रभारी राजकुमार चंदा ने आज बाल्मीकि मंदिर में पत्रकारों से रूबरू  होते हुए कही। उन्होंने कहा कि बार एसोसिएशन से हमें कोई समस्या या नाराजगी नहीं है, मगर इस कुछ वकीलों ने इस एसोसिएशन की मीटिंग में दलित महिला के साथ जो अभद्र व्यवहार व जातिसूचक टिप्पणियां की गई है, उसका पूरा दलित समाज विरोध करता है। बार एसोसिएशन एक ऐसी संस्था है, जिसका हम सम्मान करते है। उन्होंने कहा कि बार एसोसिएशन की मीटिंग में पुरूषोत्तम फुटेला, गुरदेव सिंह कूका, मधुर कंबोज, रघुबीर सिंह खिण्डा, गणेशी सेठी, हरपाल सिंह गिल, रविंद्र कंबोज, 5-6 अन्य वकीलों ने दलित महिला अधिवक्ता संजू बाला का अपमान किया है, जिसकी मुख्य न्यायाधीश हरियाणा-पंजाब हाईकोर्ट, शिकायत शहर थाना सिरसा, एसपी सिरसा,  डीसी सिरसा, एडीसी सिरसा, राष्ट्रीय अनुसूूचित जाति आयोग, हरियाणा अनुसूचित जाति आयोग, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, बार कोंसिल पंजाब-हरियाणा, बार कौंसिल इंडिया, राष्ट्रपति महोदय्, प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृहमंत्री, केंद्र कानून मंत्री भारत सरकार, गृहसचिव भारत सरकार, गृह सचिव हरियाणा सरकार, मुख्य सचिव हरियाणा सरकार, मुख्यमंत्री हरियाणा सरकार, राज्यपाल हरियाणा सरकार, डीजीपी हरियाणा पुलिस, आईजी रेंज हिसार, इत्यादि व अन्य जिम्मेवार अधिकारियों को शिकायत भेजकर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने बताया कि उपरोक्त वकीलों में गुरदेव सिंह कूका ने बार एसोसिएशन की इस मीटिंग में दलित महिला अधिवक्ता संजू बाला को सैक्स रैकेट चलाने का झूठा आरोप लगाकर प्रताडि़त किया है, जिनका उपरोक्त सभी वकीलों ने साथ देते हुए दलित महिला अधिवक्ता के मूल अधिकारों को हाईजैक करने की कोशिश की है और कोरे कागज पर जबरन माफीनामा में लिखवाया है कि भविष्य में किसी भी बार सदस्य एवं उसके परिवार के सदस्य के खिलाफ एससी/एसटी की दर्खास्त न दूंगी न ही करने की कहूंगी। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर इस मामले में प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाए, तो आने वाले समय में पूरा दलित समाज प्रदेश व राष्ट्रीय स्तर पर रोषस्वरूप धरना प्र्रदर्शन करेगा, जिसकी जिम्मेवारी प्रशासन की ही होगी। इस अवसर पर रविदास सभा के प्रधान डॉ. बंसी लाल दहिया, शंकर ठेकेदार, रमेश कुमार एडवोकेट, रणजीत भट्टी(रानियां), जितेंद्र कलियाना एडवोकेट, अशोक सुध, राजेश खन्ना, विनोद हिटलर, जय किशोर इत्यादि मौजूद थे।
संजू बाला
मो. 80598-87785

1 comment:

  1. These lines from the text above speak against the claims of Sanjubala. How a few people from the BAR itself can force a colleague of theirs to SIGN a COMPROMISE on the nefarious allegations...

    ...उन्होंने बताया कि उपरोक्त वकीलों में गुरदेव सिंह कूका ने बार एसोसिएशन की इस मीटिंग में दलित महिला अधिवक्ता संजू बाला को सैक्स रैकेट चलाने का झूठा आरोप लगाकर प्रताडि़त किया है, जिनका उपरोक्त सभी वकीलों ने साथ देते हुए दलित महिला अधिवक्ता के मूल अधिकारों को हाईजैक करने की कोशिश की है और कोरे कागज पर जबरन माफीनामा में लिखवाया है कि भविष्य में किसी भी बार सदस्य एवं उसके परिवार के सदस्य के खिलाफ एससी/एसटी की दर्खास्त न दूंगी न ही करने की कहूंगी।...

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