किरण चौधरी के सीपीएल नेता बनने से हुड्डा बैकफुट पर

सिरसा(प्रैसवार्ता)। पूर्व मुख्यमंत्री स्व. बंसीलाल की पुत्रवधू तथा कांग्रेस की तेज-तर्रार नेत्री किरण चौधरी को कांग्रेस विधायक दल का नेता बनाकर कांग्रेस हाईकमान ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को बैकफूट पर धकेल दिया है। प्रदेश में कांग्रेस की दुर्गति की ठीकरा हुड्डा पर फोड़ते हुए कांग्रेस आलाकमान ने हुड्डा के राजनीतिक पर कुतरने शुरू कर दिए है। हरियाणा विधानसभा में कांग्रेस के 15 विधायक है, जिनमें से 13 को हुड्डा का करीबी माना जाता है, जबकि किरण चौधरी की हुड््डा से पटरी कभी नहीं बैठी। हुड्डा ने किरण चौधरी को राजनीतिक झटके देकर उनसे मंत्री पद छीन लिया था, मगर अगले ही दिन किरण चौधरी के दवाब की बदौलत हुड्डा को न सिर्फ झुकना पड़ा, बल्कि दो महत्वपूर्ण विभाग भी देने पड़े थे। हुड्डा गीता भुक्कल या फिर कुलदीप शर्मा को विधायक दल नेता बनाने की वकालत कर रहे थे्र मगर कांग्रेस हाईकमान ने हुड्डा की सभी दलीलों को खारिज कर दिया। हुड्डा चाहते थे कि दलित नेत्री गीता भुक्कल को सीएलपी नेता बनाकर कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर के राजनीतिक कद को छोटा किया जा सके, जोकि तंवर के लिए खतरे की घंटी थी, जिसे भांपते हुए तंवर ने हुड्डा की उम्मीदों पर ग्रहण लगाते हुए जोर का झटका धीरे से दिया। किरण चौधरी हुड्डा मंत्रीमंडल में प्रभावी मंत्री तो रही है, मगर  हुड्डा से उनकी आंख मिचौली बराबर जारी रही। किरण चौधरी के विधायक दल का नेता बनने से तंवर का राजनीतिक कद बढ़ा है। विधानसभा चुनाव में टिकट वितरण को लेकर हुड्डा को राजनीतिक झटका हुड्डा को है। डॉ. तंवर की कुर्सी भी बच गई है, जिसे छीनने के लिए हुड्डा गीता भुक्कल के कंधों पर रखकर बंदूक चलाना चाहते थे। जाट नेत्री को सीएलपी नेता बनने से गैर जाट एवं दलित नेता डॉ.तंवर की प्रधानगी पर मंडरा रहे खतरे के बादल छंट गये। 

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