वर्ष 2015 का भविष्यफल - The Pressvarta Trust

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Wednesday, December 31, 2014

वर्ष 2015 का भविष्यफल

वर्ष 2015 का आगमन कन्यालग्रस्थ राहु प्राक्रम भावस्थ वृश्चिक राशिस्थ शनि(जो नरेंद्र मोदी की जन्म राशी है) चतुरथ भावस्थ बुद्ध-आदित्य योग आय भावस्थ उच्चस्थ बृहस्पति जो चतुरयेश एवं सप्तमेश है एवं पंचम भावस्थ शुक्रमंगल योग एवं अष्टम भावस्थ चंद्रमा के कारण निम्र फल कारक रहेगा। चंद्रमा से चतुरथ भावस्थ उच्चस्थ बृहस्पति प्रबल गजकेसरी योग एवम् सुख भावस्थ बुद्ध आदित्य योग के कारण भारत में हिंदुत्व की प्रबल सुनामी ए/एल इनीशयल के विपक्षी नेताओं के राष्ट्र एवं हिंदुत्व विरोधी वक्तव्यों के कारण भारत में राष्ट्र-प्रेम, राष्ट्र-हित एवं हिंदू-राष्ट्र प्रेम को भावना प्रत्येक जनमानस में दिखाई देगी, जो क्षेत्रीय दलों के लिए अनिष्टकारक साबित होंगी।
20 जनवरी से 26 जनवरी 2015 में देश में भगवा लहर के विरूद्ध तहत प्रमुख क्षेत्रीय दलों को एक साथ लामबन्ध होना एवं देशहित कार्यो में सरकार की आलोचना के कारण क्षेत्रीय दलों का प्रभाव शून्य दिखाई देगा।
मंगल शुक्र युति पर शनि दृष्टि के कारण देश में नारी सम्मान के प्रति जनजागृति के कारण अप्रिय घटनाओं में बहुत कमी आएगी। शुक्र भाग्येश एवं द्वितीयेश होकर पंचम भावस्थ है। उच्चस्थ मंगल युति एवं प्राक्रमभावस्थ शनि दृष्टि के कारण दमनकारी नीति एवं कानून के कारण स्त्री-रक्षा में विशेष कामयाबी मिलेगी।
वर्ष 2015- विद्यटनकारी ताकतों के लिए विनाशकारक साबित होगा। अन्र्तराष्ट्रीय स्तर पर मोदी के प्रयासों के फलस्वरूप भारत का नाम सुर्खियों में रहेगा।
आतंकवादी संगठन अव्यवस्था फैलाने की कोशिश करेंगे। उत्तरप्रदेश में राष्ट्रपति शासन की संभावना दिखाई देती है। अखिलेश को विशेष एहतियात बरतनी होगी। ए/आर/वाई इनीशयल के राष्ट्रीय नेताओं को अनियंत्रित वाणी का खामियाजा देश की शक्ति के लिए हानिकारक साबित होगा एवं धुव्रीकरण कारक होगा, जिसका असर विहार-उतरांचल एवं हिमाचल प्रदेश के चुनावों में दिखाई देगा।
वर्ष 2015 में मोदी सुनामी का परचंम एवं भगवा क्रांति के कारण राजधानी दिल्ली के चुनावी परिणाम एक तरफा होंगे। भाजपा 63 सीटें प्राप्त करेगी। किसी एक राष्ट्रीय दल का सूपड़ा साफ होगा।
2015 में क्षेत्रीय दलों का एकीकरण क्षेत्रीय दलों के लिए विशेष दुर्भाग्यपूर्ण साबित होगा। ए/एल/आर/टी इनीशयल के क्षेत्रीय नेताओं की अनियंत्रित वाणी के कारण एवं अगलवादी ताकतों को शह के कारण सरकार को कठोर निर्णय लेने पर वांछित होना पड़ेगा।
धर्मान्तरण विरूद्ध कानून पारित होगा। विपक्ष प्रत्येक फ्रंट पर नाकामयाब साबित होगा।
कालेधन के मुद्दे पर सरकार वर्ष के अंत तक कामयाब होगी। विपक्षी धु्रवीकरण को मुंह की खानी पड़ेगी। कुल मिलाकर वृश्चिक राशी नरेंद्र मोदी शनि ग्रह के प्रभुत्व के कारण प्रत्येक क्षेत्र में सफलता प्राप्त करेंगे। अंर्तराष्ट्रीय पटल पर भारत विश्व की प्रमुख शक्ति(अमेरिका) के सहयोग से 2015 वर्ष के अंत तक उग्रवाद पर अंकुश लगाने में सफलता प्राप्त करेगा।
                                                                                 (संतबेतरा अशोका,  मो. 9990014155)

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