500 रूपये घूस ना मिलने पर पत्रकार पर भड़का रेलवे टिकट चैकर, की हाथापाई, बोला रोज करता हूं पत्रकारों की ऐसी-तेसी

नई दिल्ली(प्रैसवार्ता)। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के पत्रकारिता के कलमकार से दुव्र्यवहार के मामले थमने का नाम नहीं ले रहा। ताजा वाक्या 11 दिसंबर, बृहस्पतिवार को दिल्ली से मथुरा की और जा रही ''गोल्डन टेम्पल" गाड़ी का है, जिसमे भूतेश्वर स्टेशन पर पहुँच कर एक रेलवे के टिकट चैकर सीट पर आकर अपने आप को मजिस्ट्रेट चैकिंग स्क्वॉड बता कर पत्रकार हेमंत शर्मा पर बिना कुछ कहे सुने बरसते हैं और टिकट दिखाने की मांग करते हैं। पत्रकार के टिकट दिखाने पर वे उसको दूसरी गाड़ी की टिकट बताकर चिल्लाने लगते हैं और 1600 रूपये की पर्ची कटाने की मांग करते हैं। जब पत्रकार ने उन्हें टिकट के सन्दर्भ में कुछ बताना चाहा के मामला है क्या तो भी वे उसको सुनना सही ना समझ पत्रकार को उल्टा-सीधा बोलने लगते हैं।  अपने साथ एक वर्दी वाला बन्दूकधारी लिये उन साहब की जुबान कुछ इस कदर चल रही थी कि मानो मौका मिलते ही वह उक्त पत्रकार को थप्पड़ रसीद कर दें।  1600 रूपये की पर्ची कटवाने के बाद उस टिकट चैकर ने पत्रकार के कंधे पर हाथ रखकर समझाया के देख ''मुझे किसी गावों में रहने वाला मत समझियो, मैं दिल्ली में रहता हूं, जब मर्जी आजाइयो और तुझसे जो बनता हो कर लियो या फिर 2 घंटे बाद मेरी ड्यूटी ऑफ हो जायेगी तब उखाड़ लियो मेरा, तुझसे जो उखड़े।" इतना बोलकर उसे तसल्ली नहीं हुई और फिर जाते-जाते उसका एक साथी उस पत्रकार को ये भी बता गया के ध्यान से रहना, ये अपने एरिया का पहलवान है, बाहर आपको नुकसान पहुंचा सकता है और फिर से एक बार पीछे मुड़कर वो पहलवान टिकट चैकर उस पत्रकार को बोल गया कि तेरे जैसे पत्रकारों की तो मैं रोज ऐसी-तैसी करता हूं, तू किस खेत की मूली है? मेरा एड्रेस लेले, जब मर्जी आजइयो। इस बाबत जब पत्रकार हेमंत शर्मा ने मथुरा स्टेशन पर शिकायत दर्ज करानी चाही तो वह मौजूद स्टाफ और अधिकारियों ने उस रसीद का नम्बर अपने पास लिख लिया, लेकिन शिकायत के लिए कहा कि आप दिल्ली जाकर ही लिखवाएं, क्योंकि इस ट्रेन में हमारा स्टॉफ नहीं चलता तो हम आपकी शिकायत नहीं लिख सकते।  अगर आपको कोई और समस्या है तो बताएं, हम उसका समाधान कर देंगे।

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