देशद्रोह के 909 आरोपियों को नहीं मिल रहे वकील

हिसार(प्रैसवार्ता)। सतलोक आश्रम में पकड़े गए 909 लोगों पर देशद्रोह का मुकद्दमा दर्ज है, जो आजादी के बाद पहला सबसे बड़ा मामला होगा, जो इतने लोगों पर दर्ज है। हिसार अदालत में चल रहे इस मामले में जिला हिसार का कोई भी वकील मुकद्दमा लडऩे को तैयार नहीं है। अब आरोपियों को दूसरे जिले के वकीलों से उम्मीद है, जो भारी भरकम फीस मांग रहे है। हिसार बार एसोसिएशन निर्णय ले चुकी है कि रामपाल के अनुयायियों का मुकद्दमा लडऩे वाले वकीलों की सदस्यता रद्द कर दी जाएगी। ''प्रैसवार्ता" को मिली जानकारी के अनुसार  जुलाई 2014 में सुनवाई के दौरान हिसार अदालत ने वकीलों के साथ रामपाल के अनुयायियों ने मारपीट की थी, जिस कारण वकील खफा है। सहायक जिला न्यायवादी राजेश चौधरी ने ''प्रैसवार्ता" को बताया कि 909 लोगों के खिलाफ दर्ज मुकद्दमे की सुनवाई सरकारी वकीलों को करनी पड़ रही है। अदालत के चार सरकारी वकील 227-227 लोगों के मुकद्दमे लड़ रहे है, जिनकी ऐवज में उन्हें प्रति व्यक्ति 2200 रूपये से ज्यादा फीस मिलती है, जोकि सरकार को करीब 20 लाख रूपये सरकारी वकीलों को अदा करने होंगे। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार यदि कोई कथित अभियुक्त अपना निजी वकील कर भी लेता है, तो भी सरकार को 2200 रूपये तो सरकारी वकील को देने ही पड़ेेगे। 

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