हरियाणा में हजकां और कांग्रेस दिख सकते है एक मंच पर - The Pressvarta Trust

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Saturday, December 13, 2014

हरियाणा में हजकां और कांग्रेस दिख सकते है एक मंच पर

फतेहाबाद(प्रैसवार्ता)। लोकसभा चुनाव में हजकां सुप्रीमों कुलदीप बिश्रोई के ''क्लीन बोल्ड" होने तथा खाता न खुलने से डगमगाती हजकां की नैया विधानसभा चुनाव में इस कद्र गड़बड़ा गई कि हजकां सुप्रीमों कुलदीप बिश्रोई व उनकी धर्मपत्नी रेणुका बिश्रोई तक ही सीमित हो कर रह गई। लोकसभा तथा विधानसभा चुनाव परिणामों ने हजकां में ऐसी भगदड़ मचा दी थी कि हजकां से अलविदाई लेने वालों की बाढ़ आ गई, जिसे हजकां अब तक प्रभावित हो रही है। कांग्रेस छोड़कर हजकां के नाम से अपनी नई राजनीतिक पार्टी बनाने वाले कुलदीप बिश्रोई निरंतर मिल रहे झटकों से इस कद्र टूट चुके है कि उनकी घर वापिसी की चर्चाएं शुरू हो गई है। बिश्रोई का छत्तीस का आंकड़ा पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा से था और वर्तमान में हुड्डा भी राजनीतिक झटकों की चपेट में है। कांग्रेस आलाकमान ने 13 विधायकों के समर्थन वाले हुड्डा के स्थान पर तेजतर्रार कांग्रेस नेत्री किरण चौधरी को विधायक दल का नेता बनाकर हुड्डा के राजनीतिक पर कुतरने का संकेत दिया है। हरियाणा के राजनीतिक मानचित्र में हुड्डा और बिश्रोई की दिखाई दे रही तस्वीर दोनो के राजनीतिक अस्तित्व को धुंधला दर्शाती है। ऐसे में  ''घायल की गति घायल जाने" की तर्ज पर दोनो फिर एक ही मंच पर दिखाई दे सकते है। हजकां नेता एवं पूर्व मुख्य संसदीय सचिव दूडाराम के निवास पर एक समारोह के अवसर पर हुड्डा और कुलदीप बिश्रोई के मिलन पर पूर्व विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप शर्मा द्वारा नई दोस्ती के कबूलनामे ने हरियाणवी राजनीति क गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। कुलदीप शर्मा का यह कहना है कि राजनीति में सब कुछ संभव है, जहां तक कसमों का टूटना भी। वैसे हुड्डा और बिश्रोई को अपना राजनीतिक अस्तित्व बरकरार रखने के लिए राजनीतिक सोच व रणनीति में बदलाव लाना ही पड़ेगा, ऐेसा विशेषज्ञों का मानना है। 

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