भादरा पार्क में खेलने गई बच्ची के कपड़े उतारे, बच्चों को देेख आरोपी फरार, दर्ज एफआईआर

सिरसा(प्रैसवार्ता)। शाम को खेलने के लिए हमारे बच्चे अक्सर पार्कों में चले जाते है, कोई भी परिवार ये नहीं सोचता कि बच्चे सुरक्षित है या नहीं, मगर शुक्रवार देर शाम की घटना देखकर लगता है कि पुलिस हमारे बच्चों को सुरक्षा देने में कहीं ना कहीं लापरवाह है। भादरा बाजार के पास स्थित भादरा तालाब की घटना ने पूरे शहर को शर्मसार कर दिया है। हम कैंसे यकीन करें कि हमारे समाज में ऐसे भेडिए भी है, जो बच्चों को पब्लिक पैलेस में भी अपनी हवस का शिकार बना सकते है।
जी हां! शुक्रवार देर शाम शहर में ऐसी ही एक घटना हुई, जिसने सभी को चौंका दिया। भादरा बाजार निवासी एक पल्लेदार के पास उसके ही एक रिश्तेदार का फोन आया कि आपकी बच्ची कहां है? आगे से पल्लेदार ने कहा कि बच्ची तो शाम को गली के बच्चों के साथ भादरा पार्क में खेलने जाती है। रिश्तेदार ने कहा कि आप भादरा पार्क में पहुंचों। आपकी बच्ची के शरीर पर कपड़े नहीं है। जब वह पहुंचा, तो उसकी पांच वर्षीय मासूम बच्ची रो रही थी। पार्क में काफी लोग एकत्रित थे, जिसमें महिलाएं भी थी। महिलाओं ने कहा कि हमने बच्ची को कपड़े पहनाए है। अब सवाल ये था कि आखिर बच्ची के कपड़े किसने उतारे?
सूत्रों के मुताबिक मासूम के साथ खेलने आए बच्चों ने बताया है कि एक युवक ने गलत नीयत से पहली क्लास में पढऩे वाली इस बच्ची के कपड़े उतारे थे, कि उसको पार्क में अन्य बच्चों ने देख लिया। इसके बाद युवक मौके से खिसक गया। जब बच्चों ने पार्क में पहुंचे लोगों को घटना की जानकारी दी, तो लोगों ने पुलिस को सूचना दे दी।

कीर्तिनगर चौकी पुलिस के कर्मचारी मौके पर आए
इसके बाद मासूम से महिला एएसआई कमलेश व लीगल एडवोकेट ज्योति वर्मा ने पूछताछ की। उसके पिता के बयान दर्ज करवाएं। बच्ची कुछ बता नहीं पा रही है। बस इतना ही कहती है कि उसके कपड़े निकाल दिए। इसके बाद वह कुछ भी नहीं बताती। पुलिस ने मासूम के पिता े बयान पर आरोपी अननोन युवक के खिलाफ दुष्कर्म के प्रयास व पोस्को एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया है। शुक्रवार शाम को मासूम का मेडिकल सिविल अस्पताल में करवाया गया, जिसकी रिपोर्ट अभी आनी बाकी है। पुलिस मान रही है कि बच्ची के साथ दुष्कर्म नहीं हुआ है, मगर कपड़े गलत नीयत से उतारे गए थे। बच्चों को आता देख आरोपी वहां से फरार हो गया। पुलिस आरोपी की तलाश में छापेमारी कर रही है।
जांच अधिकारी कमलेश का कहना है कि मैंने महिला लीगल एडवोकेट ज्योति वर्मा के समक्ष बच्ची व उसके पिता के बयान दर्ज करवाए है। बच्ची से हमने कई बार प्यार से पूछ  लिया। वह सिर्फ इतना बताती है कि उसके कपड़े उतार लिए। इसके बाद कुछ बता नहीं पा रही है। ना ही युवक का हुलिया बता रही है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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