डेरा सच्चा सौदा की सत्संग में ले जाने पर खड़ा हुआ विवाद

सिरसा(प्रैसवार्ता)। कालांवाली के गल्र्ज कॉलेज की छात्राओं को टूर के बहाने रविवार को डेरा सच्चा सौदा ले जाने पर मंगलवार को स्कूल में हंगामा खड़ा हो गया और छात्राओं के अभिभावकों ने जब इस पर आपत्ति जताई, तो स्कूल के प्राचार्य ने किसी प्रकार के टूर पर ले जाए जाने की अनुमति देने की बात से ही इंकार कर दिया।  बाद में पता चला कि स्कूल की तीन अध्यापिकाएं व एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी छात्राओं को टूर पर ले जाने के बहाने डेरा सच्चा सौदा ले गईं थीं।  इनके साथ डेरा सच्चा सौदा के कालांवाली व सिरसा के छह लोगों पर भी आरोप लगे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए मौके पर जिला शिक्षा अधिकारी भी पहुंचे। इस संबंध में स्कूल प्राचार्य द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र लिखकर तीनों आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई का अनुमोदन किया गया है। समाचार लिखे जाने तक मामले के संबंध में बैठक जारी थी। अभिभावक जहां इस मामले में पुलिस कार्रवाई करवाना चाहते हैं वहीं जिला शिक्षा अधिकारी ने उन्हें विभागीय कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया है। मामले के अनुसार कालांवाली के गल्र्ज स्कूल की छात्राओं को रविवार के दिन स्कूल की अध्यापिका सरोज, वीना एवं कृष्णा ने टूर पर ले जाने की बात  कही। छात्राओं से कहा गया कि वे स्कूल की वर्दी में ही रविवार को निर्धारित समय पर स्कूल के सामने एकत्रित हों। यहां से उन्हें टूर पर ले जाया जाएगा। छात्राओं का कहना है कि उन्हें यह नहीं बताया गया कि उन्हें कहां ले जाया जाएगा। रविवार को 200 छात्राएं निर्धारित समय पर स्कूल के सामने एकत्रित हुईं। यहां से अध्यापिका सरोज, वीना, कृष्णा एवं एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी उन्हें चार बसों में डेरा सच्चा सौदा ले गए और डेरा के सत्संग में शामिल होने को मजबूर किया गया। वापिस लौटकर छात्राओं ने अपने अभिभावकों को इस बाबत जानकारी दी। इस पर अभिभावकों में रोष फैल गया। मंगलवार को छात्राओं के अभिभावक एकत्रित होकर स्कूल पहुंचे और हंगामा खड़ा कर दिया। स्कूल प्राचार्य ने मामले से अनभिज्ञता जाहिर की। उनका कहना था कि उन्होंने किसी प्रकार के टूर पर ले जाने की अनुमति नहीं दी। उन्होंने बताया कि 28 व 29 नवंबर को वे किसी कार्यवश स्कूल में नहीं थे। इस दौरान स्कूल इंचार्ज राजनीति विभाग की प्रवक्ता सरोज रानी व स्कूल की अध्यापिका वीना एवं कृष्णा अपनी मर्जी से छात्राओं को लेकर गई हैं।  अभिभावक संघ के प्रधान बूटा सिंह ने कहा कि अध्यापिकाओं का यह व्यवहार सरासर गलत है। अभिभावकों ने अध्यापिकाओं पर कार्रवाई के लिए पुलिस में जाने का मन बनाया। इस पर स्कूल प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए और मामले के संबंध में उच्चाधिकारियों को अवगत करवाया गया। मौके पर कार्यकारी जिला शिक्षा अधिकारी सुरेन्द्र शर्मा मौके पर पहुंचे। प्राचार्य ने जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र लिखकर दो अध्यापिकाओं वीना व कृष्णा तथा एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी  पर विभागीय कार्रवाई किए जाने का अनुमोदन कर दिया लेकिन इसके बावजूद अभिभावक अध्यापिकाओं पर कानूनी कार्रवाई करने पर अड़े रहे।

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