नहीं रूकवाई नाबालिगा की शादी

सिरसा(प्रैसवार्ता)। बारातियों को खाना खिलाओ, खातिरदारी करों, लेकिन लड़की को इनके साथ नहीं भेजना, नहीं तो आपके खिलाफ पर्चा दर्ज हो जाएगा। ये कहना था उस पुलिस कर्मी का, जिसे एक नाबालिगा की हो रही शादी को रोकने के लिए भेजा गया था। एक तरफ तो सरकार व संबंधित विभाग बाल विवाह पर रोक लगाने की बात करते है, वहीं दूसरी तरफ संबंधित अधिकारी ही मामलों के प्रति दिलचस्पी नहीं दिखा रहे, जिसके कारण नाबालिग लड़कियों की शादियां सरेआम हो रही है।  प्रैसवार्ता को मिली जानकारी के अनुसार कंगनपुर रोड़ निवासी एक नाबालिगा की आज, बुधवार दोपहर शहर के एक पैलेस में शादी थी। बारात धूम धड़ाके के साथ गई। किसी ने लड़की के नाबालिग होने की सूचना पुलिस व संबंधित विभाग को दे दी। अपनी जिम्मेवारी से पल्ला झाडते हुए कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। पुलिस का एक कर्मचारी मौके पर आया और परिजनों को लड़के के साथ लड़की न भेजने की बात कहकर चला गया। सोचने वाली बात तो ये है कि क्या ऐसा करने से बाल विवाह रूक जाएंगे। अब उस पुलिस कर्मी को कौन समझाए कि ऐसा करने से क्या परिजन अपनी लड़की की शादी नहीं करवाएंगे? क्या यहीं उसका फर्ज था। ऐसे कई सवाल है, जो पुलिस कर्मचारी व संबंधित विभाग के सामने मुंह बाए खड़े है।

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