एटीएन ग्रूप पेश करता है भारत में रियल एस्टेट क्षेत्र में चुनौतियां और संभावनाएं

नई दिल्ली(प्रैसवार्ता)। रियल एस्टेट उद्योग इस समय तेज नीतिगत कार्रवाई और 100 नए स्मार्ट सिटी के विकास की संभावनाओं के बीच के दौर से गुजर रहा है। बेहतर नीतिगत ढांचा लाने के कारण इस क्षेत्र का कायांतरण हो रहा है और इन बदलावों को स्वीकार करने तथा आगे की छलांग लगाने में अभी कुछ समय लगेगा। नैशनल हाउसिंग बैंक का रेसिडेक्स सूचकांक बताता है कि दिसंबर 2011 और मार्च 2014 के बीच मुंबई में रियल एस्टेट की कीमतें 18.7 फीसदी तक बढ़ी हैं और दूसरे बड़े षहरों में भी ऐसा ही हुआ है। बिना बिके मकानों का जमावड़ा लगातार बढऩे के बावजजूद कीमतों में यह इजाफा हुआ है। एक अन्य तथ्य अर्थव्यवस्था में धीमा विकास, नौकरियों में भारी कटौती और कंपनियों द्वारा खर्च में कटौती किया जाना आदि भी था।  रीट को मंजूरी दिए जाने से देष के रियल एस्टेट क्षेत्र में व्यापक और असाधारण वृद्धि, जवाबदेही और पारदर्शिता में इजाफा होने की उम्मीद की जा रही है। छोटे और बड़े निवेशकों को निवेश का कम जोखिम भरा विकल्प मुहैया कराने और यूनिट  धारकों को नियमित तथा भरोसेमंद आय प्रदान करने के मामले में रीट्स दुनिया के करीब 20 देशों में काफी सफल और अनुकूल रहे हैं। इससे रियल एस्टेट क्षेत्र में भारी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश लाने और नकदी की किल्लत से जूझ रहे प्रॉपर्टी डेवलपरों के पास नकद रकम लाने में मदद मिलेगी। जीडीपी में रियल एस्टेट का योगदान ऐसी सूरत में आसानी से 5 से 6 फीसदी बढ़ सकता है।  एटीएन ग्रूप के सीएमडी आलोक त्यागी ने उन पैमानों पर प्रकाश डाला, जो रियल एस्टेट क्षेत्र को पटरी पर लौटाने में मदद करेंगे। उन्होंने कहा कि सबसे अधिक विकास स्मार्ट सिटी के तौर पर 100 नए शहर विकसित करने के भाजपा सरकार के संकल्प से सबसे ज्यादा सहारा मिलेगा। बुनियादी ढांचे में निजी-सार्वजनिक भागीदारी (पीपीपी) का मॉडल सभी क्षेत्रों में विकास के रुके हुए इंजन को फिर चालू करेगा। महंगाई और ब्याज दरों में कमी, रोजगार का अधिक सृजन और कीमतों में स्थिरता से इस क्षेत्र की स्थिति और भी बेहतर होगी। रीट के सूचीबद्ध होने और सरकार की ओर से नीतियों में तेजी से सुधार होने रतार और भी बढ़ेगी। मकान खरीदने वाले ज्यादातर लोग मध्यम, उच्च मध्यम आय वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से होते हैं, जो आवास ऋण पर ही निर्भर करते हैं। पिछले कुछ साल में आवास ऋण पर ब्याज की ऊंची दरों ने वास्तविक खरीदारों को आवासीय बाजार से दूर रखा है अथवा उन्होंने निवेष की अपनी योजना को रोक रखा है। अब ब्याज दर धीरे-धीरे कम होना तय है क्योंकि महंगाई कम हो रही है। उद्योग की आवाज के तौर पर श्री त्यागी ने मौजूदा हालात में अच्छा रियल एस्टेट सलाहकार चुनने के तरीके भी बताए। उन्होंने कहा कि अच्छा रियल एस्टेट सलाहकार हमेषा खरीदार की जरूरत और उनकी वित्तीय हालत, अपेक्षाओं और संपत्ति के इस्तेमाल की योजनाको समझता है। अच्छा सलाहकार किसी खास संपत्ति की अच्छाई और बुराई, बाजार की पूरी तस्वीर को समझता है और निवेश के मौकों के बारे में दूरदर्षी नजरिया रखता है। एक अच्छे सलाहकार को जरूरतों का गहन विश्लेशण करना आता है और उसके बाद उन जरूरतों को पूरा करने के लिए जिम्मेदारी भरे विकल्प सुझाता है। ग्राहकों की जरूरतें बहुआयामी होती हैं, लेकिन व्यक्तिगत भी होती हैं। इसीलिए उनके मुताबिक समाधान दिए जाने चाहिए। एटीएन अपनी सेवा का लाभ उठाने वालों के लिए बेहतर समाधान लाती है। हम वीओपी (मूल्य, मौके और कीमत) का विश्लेशण, ऋण की व्यावहारिकता का अध्ययन, बीमा के लिए बाजार मूल्यांकन और वास्तु सलाहकार सेवाएं आदि मुहैया कराते हैं। एटीएन के लिए परामर्श का मतलब है गुणवत्ता प्रदान करना है और आपको इस बारे में पारदर्शी विकल्प देना है कि आप कौन सी सेवाएं प्राप्त कर सकते हैं और उनके लिए भुगतान कैसे कर सकते हैं। प्रॉपर्टी पोर्टल दुनिया भर में सभी श्रेणियों की संपत्तियां दिखाने के मामले में लंबा सफर तय कर चुके हैं। ये रियल एस्टेट सर्च इंजन खरीदारों, विक्रेताओं और किरायेदारों के बीच तेजी से संपर्क का मंच मुहैया कराते हैं।

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