फर्जी कंपनियां बेच रही है नकली शराब

सीकर(प्रैसवार्ता)। राजस्थान में फर्जी कंपनियां बनाकर दूसरे राज्यों से तस्करी की मिलावटी शराब की बिक्री का कारोबार यौवन पर है। दिलचस्प तथ्य यह है कि जिन कंपनियों के लेबल बोतलों पर लगे हुए मिले है, वह कंपनियां अस्तित्व में ही नहीं है, जिसका खुलासा आबकारी विभाग की जांच पड़ताल से हुआ है। आबकारी विभाग का कहना है कि यह शराब जानलेवा साबित हो सकती है। राजस्थान के आबकारी दस्ते ने बीते वर्ष के जनवरी मास में एक कैंटर को जब्त किया था, जिसमें मिली शराब पर हरियाणा की एनवी डिस्टलरी लिखा हुआ था। विभाग की जांच में पता चला कि यह शराब उस कंपनी में नहीं बनी। राजस्थान पुलिस ने ददिया थाने में बीते वर्ष एक ट्रक अवैध शराब का जब्त किया था, जिस पर भी हरियाणा की एक डिस्टलरी का लेबल लगा था। आज तक पुलिस को वह डिस्टलरी हीं नहीं मिली। इसके अतिरिक्त सीकर के आबकारी विभाग द्वारा कुछ दिन पूर्व शराब से भरी एक पिकअप जब्त की थी, जिसमें बोतलों पर केवल अरूणांचल प्रदेश में बिक्री योग्य लिखा हुआ था। माना जा रहा ैि कि वहां की सरकारी कंपनी से यह शराब तस्करी करके आई होगी, मगर शराब की बोतलों पर हिमाचल की हिम गिरी ब्रेवरीज नाम की डिस्टलरी से बनी दर्शाई गई है, जबकि इस नाम की कोई कंपनी नहीं है। प्रश्र यह उठता है कि दूसरे राज्यों में मिलावटी या नकली शराब बन रही है तो वह आसानी से राजस्थान कैसे आ जाती है। दूसरे राज्यों से तस्करी की, जो शराब आती है, उस पर लगे लेबल फर्जी पाए जा रहे है, जिससे संकेत मिलते है कि शराब गलत ढंग से तैयार करवाकर बिक्री के लिए भेजी जा रही है, जोकि जानलेवा हो सकती है। सीकर के आबकारी विभाग द्वारा एक वर्ष में पचास से ज्यादा मुकद्दमे दर्ज किए गए है, मगर फिर भी फर्जी कंपनियों के नाम से नकली शराब की तस्करी पर अंकुश नहीं लगाया जा रहा। प्रैसवार्ता को मिली जानकारी के अनुसार शराब तस्कर कई प्रकार के जानलेवा कैमिकल मिलाकर नकली शराब तैयार करके उस पर फर्जी कंपनियों के लेबल लगाकर धडल्ले से शराब की बिक्री कर रहे है। 

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