अकाली-भाजपा में आई खटास को समाप्त करने की तैयारी

सिरसा(मनमोहित ग्रोवर)। हरियाणा विधानसभा में भाजपा की सहयोगी शिरोमणी अकाली दल द्वारा इनैलो का समर्थन तथा भाजपा प्रत्याशियों का विरोध करके गठबंधनीय तालमेल के बीच, जो खट्टास पैदा की थी, उसे दूर करने के प्रयास शुरू हो गए है। देश व पंजाब के पडौसी राज्य हरियाणा में विजयी परचम लहराने उपरांत भाजपा ने पंजाब में अपनी गतिविधियां बढ़ा दी, जिससे अकाली दल बेचैन हो उठा, क्योंकि अकाली दल में अपनी अनदेखी झेल रहे अकाली दिग्गजों का रूझान भाजपा की तरफ बढऩे लगा है। भाजपा की इस रणनीति का मुकाबला करने के लिए अकाली दल ने भाजपा समर्थकों पर डोरे डालने शुरू कर दिए, जिससे दोनो में राजनीतिक खटास तेजी पकडऩे लगी है। भाजपा को दिल्ली विधानसभा चुनाव तथा पंजाब में निकाय चुनावों में अकाली दल की जरूरत है, इसलिए भाजपा के शीर्ष नेतृत्व में पंजाब भाजपा को निर्देश दिए है कि भाजपा में शिरोमणी अकाली दल के दिग्गजों व उनसे जुड़े लोगों को भाजपा में शामिल न करें। इस प्रकार भाजपा में उत्पन्न हुई राजनीतिक खटास पर अंकुश लगाने की पहल की है। पंजाब में भाजपा की तरफ तेजी से बढ़ रहे रूझान से घबराकर अकाली दल ने भाजपाई शीर्ष नेतृत्व पर दवाब बनाया कि वह पंजाब में अकाली दल में सेंधमारी न करे। पंजाब में भाजपा का सदस्यता अभियान 5 दिसंबर से शुरू हो चुका है, जो 31 दिसंबर तक चलेगा। भाजपा के सदस्यता अभियान के शुरूआती दौर में बठिण्डा के दो पार्षदो को भाजपाई ध्वज थमाने से अकाली दल में हलचल मच गई थी, क्योंकि दोनो पार्षदों को अकाली दल का सहयोगी माना जाता रहा है।(प्रैसवार्ता)

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