अकाली दल का इनैलो से हो रहा है मोह भंग

बठिण्डा(प्रैसवार्ता)। अपनी सहयोगी भाजपा को राजनीतिक झटका देकर हरियाणा में इनैलो का समर्थन करने के चलते भाजपा के बदलते सुर से शिरोमणी अकाली दल की बढ़ रही चितांओं पर अंकुश लगाने के लिए अकाली दल ने इनैलो से मुंह मोडऩा शुरू कर दिया है, जिसकी पुष्टि ग्राम बादल में हुए कबड्डी कप समारोह में इनैलो को दर किनार कर भाजपाई मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का बतौर मुख्यातिथी शामिल होना है। पंजाब की बादल सरकार पिछले काफी समय से अपने कार्यक्रमों में इनैलो को तवज्जों देती रही है, मगर अब तस्वीर का रूख बदल गया है और इसी के साथ राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है। क्यास लगाया जाने लगा है कि पंजाब-हरियाणा में कई मुद्दों को लेकर खिंची तलवारें प्रेम में बदल सकती है और विवादित मुद्दों का समाधान होगा। चर्चा तो यह भी है कि बादल सरकार प्रदेश में भाजपाईयों के बदलते सुर पर विराम लगाने के लिए तथा मुख्यमंत्री हरियाणा मनोहर लाल खट्टर की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नजदीकी का फायदा उठाने के लिए मनोहर लाल पर डोरे डाल रही है, मगर दोनो मुख्यमंत्रियों की बढ़ती नजदीकियां उन राजसी दिग्गजों की बेचैनी बढ़ाए हुए है, जो दोनो राज्यों के राजनीतिक मुद्दों को लेकर राजनीतिक रोटियां सेकतें रहे है। अकाली व भाजपा मुख्यमंत्रियों का करीबी इनैलो को रास नहीं आ रही है। पंजाब प्रदेश के कार्यक्रमों के मंच पर इनैलो का कब्जा रहता था, मगर अब इनैलो की अनदेखी ने इनैलो को राजनीतिक कब्ज में जकड़ दिया है। हरियाणा व पंजाब में लंबे समय से राजधानी चंडीगढ़, अलग हाईकोर्ट तथा एसवाईएल जैसे मुद्दे चल रहे है, जिन्हें लेकर इनैलो व अकाली दल राजनीति करते रहते है, मगर अकाली व भाजपाई मुख्यमंत्रियों की नजदीकियों से राजनीतिक रोटियां सेंकने वालों की बेचैनी जरूर बढ़ गई, जबकि दोनो राज्यों में मुद्दों के समाधान की उम्मीद बंध गई नजर आने लगी है। 

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