दिल्ली विधानसभा चुनावों में इनैलो की मदद नहीं करेगा अकाली दल

सिरसा(प्रैसवार्ता)। 7 फरवरी को दिल्ली विधानसभा के चुनाव को लेकर शिरोमणी अकाली दल और इंडियन नैशनल लोकदल के आपसी प्रेम पर ग्रहण लगता दिखाई दे रहा है। इस चुनाव में इनैलो ने भी अपने उम्मीदवार उतारे है। हरियाणा विधानसभा चुनाव में अकाली दल ने इनैलो का खुलकर समर्थन करते हुए भाजपा प्रत्याशियों का विरोध किया था, मगर अब राजनीतिक तस्वीर का रूख पलट चुका है। अकाली दल दिल्ली चुनाव में पंजाबी बाहुल्य क्षेत्रों में भाजपा प्रत्याशियों को वोट देने की न सिर्फ वकालत कर रहा है, बल्कि सुखदेव सिंह ढीडसां, रंजीत सिंह ब्रह्मपुरा, नरेश गुजराल, मंजीत सिंह जीके को कोर्डिनेटर बनाकर चुनाव अभियान की निगरानी की जिम्मेवारी सौंप चुका है, जबकि कालका क्षेत्र पर प्रेम सिंह चन्दू माजरा, सुरजीत रखडा और चरणजीत बराड़, हरियाणा क्षेत्र पर बलविंद्र सिंह भूंदड तथा महेश इंद्र सिंह ग्रेवाल, शाहदरा क्षेत्र पर सेवा सिंह सेखवा तथा जनमेजा सिंह सेखों तथा राजौरी गार्डन पर विक्रम मजीठिया और बीबी जागीर कौर को अकाली दल की ओर से प्रभारी बनाया गया है। डॉ. दलजीत सिंह चीमा दिल्ली में पार्टी कार्यालय के मुखी होंगे, जबकि परमजीत सिंधवा तथा गुरचरण चन्नी सहायक की भूमिका निभाएंगे। हरियाणा में इनैलो के समर्थन से अकाली दल व भाजपा के रिश्तों में आई दरार को पाटने के लिए अकाली दल ने इनैलो से किनारा करने में ही भलाई समझी है। शायद यही कारण रहा होगा कि कबड्डी समारोह में चौटाला परिवार की जगह पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने भगवीं डुगडुगी बजाई थी। अकाली दल और भाजपा के बीच चल रही आंख मिचौली ने अकाली दल और इनैलो के संबंधों पर प्रश्र चिन्ह अंकित कर दिए है। 

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