जेसीडी विद्यापीठ में पहुंचने पर नौसेना के पूर्व प्रमुख का जोरदार स्वागत

सिरसा(प्रैसवार्ता)। जेसीडी विद्यापीठ में स्थापित इंजीनियरिंग कॉलेज का द्वितीय दीक्षान्त समारोह बुधवार को जेसीडी विद्यापीठ के सभागार में आयोजित किया गया, जिसमें विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान करने के लिए पूर्व नौसेना प्रमुख एडमिरल माधवेन्द्र सिंह ने बतौर मुख्यातिथि उपस्थित हुए, वहीं कार्यक्रम अध्यक्षता हिसार के सांसद एवं जेसीडी विद्यापीठ के वाइस चेयरमैन दुष्यंत सिंह चौटाला उपस्थित हुए। इससे पहले सांसद श्री दुष्यंत चौटाला, विद्यापीठ के सी.ए. श्री सचिन गोयल सहित जेसीडी विद्यापीठ के सभी कॉलेजों के प्राचार्यगण एवं अन्य गणमान्यों ने मुख्यातिथि एडमिरल माधवेन्द्र सिंह को गुलदस्ता भेंट कर विद्यापीठ में पहुंचने पर उनका स्वागत किया। मुख्यातिथि को जेसीडी विद्यापीठ के मुख्यद्वार से विभिन्न झांकियों व ढोल-नगाड़ों के साथ सरदार पटेल भवन तक लाया गया, जहां से उन्होंने सर्वप्रथम ताऊ संग्रहालय का भ्रमण कर जनननायक चौ. देवीलाल की स्मृतियों का अवलोकन किया तथा इसके पश्चात् वे जेसीडी विद्यापीठ के सभागार में दीक्षान्त समारोह में पहुंचे जहां पर सभी विद्यार्थियों एवं अन्य गणमान्य लोगों द्वारा उनका गर्मजोशी से तालियों की गडग़ड़ाहट के साथ स्वागत किया गया। दीक्षान्त समारोह का शुभारंभ मुख्यातिथि एवं अन्य अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के समक्ष द्वीप प्रज्ज्वलित करके किया गया। जिसके उपरांत एडमिरल माधवेन्द्र सिंह द्वारा द्वितीय दीक्षान्त समारोह के शुभारंभ की घोषणा की गई।  सर्वप्रथम सांसद श्री दुष्यंत चौटाला ने अपने स्वागत भाषण में एडमिरल माधवेन्द्र सिंह का सिरसा आगमन पर हार्दिक अभिनन्दन किया तथा उपस्थित जनसमूह को नववर्ष एवं लोहड़ी की हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई प्रेषित की। उन्होंने कहा कि चौ. देवीलाल जी का सपना था कि सिरसा जैसे शिक्षा में पिछड़े इलाके के विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा हासिल हो सकें तथा इसके लिए उन्हें बाहर न जाना पड़े, जिसे जेसीडी विद्यापीठ पूरा कर रहा है। श्री चौटाला ने कहा कि शिक्षा निरंतर जारी रहने वाली एक प्रक्रिया है तथा प्रत्येक क्षण हमें कुछ न कुछ सिखाता है इसलिए हमें अच्छी से अच्छी शिक्षा हासिल करनी चाहिए ताकि हम कामयाबी हासिल कर सकें। उन्होंने कहा कि जेसीडी विद्यापीठ में विभिन्न संस्थानों में चौ. देवीलाल के सपनों को साकार किया जा रहा है तथा यहां के विद्यार्थी शिक्षा के साथ-साथ खेलकूद एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करके अपनी अलग छाप छोड़ रहे हैं।  इसके पश्चात् अपने संबोधन में जेसीडी विद्यापीठ के प्रबन्ध निदेशक रियर एडमिरल राव सुरेन्द्र सिंह ने मुख्यातिथि एडमिरल माधवेन्द्र सिंह के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इन्होंने अपने जीवन के 43 वर्ष देश व समाजहित के लिए समर्पित किए है, जिसमें इन्होंने अनेक उपलब्धियां हासिल की। उन्होंने कहा कि मुख्यातिथि महोदय के जीवन से हम सभी को प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे महान व्यक्तित्व का विद्यापीठ में पधारना अपने आप में गौरव की बात है।   दीक्षान्त समारोह में बतौर मुख्यातिथि एडमिरल माधवेन्द्र सिंह ने अपने अभिभाषण में युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी संस्थान में शिक्षा हासिल करने के साथ-साथ उन्हें बेहतर नागरिक बनना चाहिए ताकि देशहित में उनका योगदान हो सके तथा आज के युग की यही मांग है कि उन्हें एक विषय में पारंगत होने की बजाए सभी विषयों का ज्ञान होना चाहिए। उन्होंने अपने जीवन के अनुभवों को छात्रों के समक्ष प्रस्तुत किया और मार्गदर्शन करते हुए कहा कि आप अपने आप को अपडेट रखें तथा सम्पूर्ण जानकारी हासिल करके कार्य को पूर्ण करने का प्रयास करें तो सफलता अवश्य प्राप्त होगी। एडमिरल माधवेन्द्र सिंह ने जेसीडी प्रांगण में साफ-सफाई एवं हरियाली से खुश होकर विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपने घर व आस-पड़ोस को भी अपने संस्थान के सम्मान साफ-सुथरा एवं हरा-भरा बनाएं ताकि देखने वाले को अच्छा महसूस हो। उन्होंने कहा कि हमारी करियर के शुरूआती दौर में पहले पांच वर्ष बहुत ही महत्वपूर्ण होते हैं इसलिए उन पर पूर्ण ध्यान देते हुए कार्य करें। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया व शपथ दिलाई कि वे अपने राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे व अपने देश का सदैव सम्मान करें और अपने देश का नाम रोशन करें ताकि प्रत्येक व्यक्ति को भारतीय कहलवाने पर नाज हो। इस मौके पर जेसीडी इंजीनियरिंग कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गुरचरण दास ने सभी अतिथियों का स्वागत एवं अभिनन्दन किया तथा कॉलेज की कार्यशैली, प्रगति एवं व्यवस्था से सम्बन्धित रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि 2003 से प्रारम्भ हुए इंजीनियरिंग कॉलेज ने शैक्षणिक गुणवत्ता, अनुशासनात्मक माहौल एवं संस्कारिक शिक्षा से अपनी एक अलग पहचान बनाई है। जेसीडी इंजीनियरिंग कॉलेज के वरिष्ठ सलाहकार डॉ. एन.एस. भाल द्वारा अपने संबोधन में संस्थान की गुणवत्ता एवं विद्यार्थियों की प्लेसमेंट से सम्बन्धित जानकारी प्रस्तुत की गई तथा उन्होंने अपने संबोधन में मुख्यातिथि एवं अन्य अतिथिगणों का आभार प्रकट किया। इस समारोह में बी.टेक के 2009 से 2013 तथा एम.टेक. के 2010-12 सत्र के 126 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गई तथा मेधावी विद्यार्थियों को स्वर्ण, रजत एवं कांस्य पदक देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर एयरफोर्स स्टेशन कमांडिंग ऑफिसर एयरकोमोडोर आशीष वोहरा, राजकीय बहुतकनीकी संस्थान के प्राचार्य सुधीर गल्होत्रा, ज्ञानमंथन की प्रोजेक्ट डायरेक्टर श्रीमती बीना राव सहित जेसीडी विद्यापीठ के सभी कॉलेजों के प्राचार्यगण, इंजीनियरिंग कॉलेज का स्टाफ एवं विद्यार्थीगण उपस्थित रहे। अंत में मुख्यातिथि महोदय द्वारा विधिवत् रूप से दीक्षान्त समारोह के समापन की घोषणा की गई। 

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