डबल बेच से भी नहीं मिली डेरामुखी गुरमीत राम रहीम को राहत

सिरसा(प्रैसवार्ता)। डेरा सच्चा सौदा में नपुंसक बनाए जाने के मामले में डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम द्वारा सीबीआई जांच पर स्टे की मांग को  पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय की डबल बेंच ने भी खारिज कर दिया। प्रैसवार्ता को मिली जानकारी के अनुसार खंडपीठ ने इस मामले में हरियाणा सरकार, सीबीआई तथा याचिकाकर्ता को नोटिस जारी कर अपना जवाब पेश करने को कहा है। इस मामले में आगामी  सुनवाई के लिए 25 फरवरी की तारीख मुकर्रर की गई है।  उल्लेखनीय है कि विगत 23 दिसम्बर को पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय की एकल खंडपीठ के न्यायाधीश के. कानन ने डेरा के ही एक पूर्व साधु की याचिका पर सुनवाई करते हुए सीबीआई जांच के आदेश दिए थे। साधु हंसराज चौहान का दावा है कि उस जैसे करीब 400 साधुओं को डेरा में 'भगवान के दर्शनÓ के नाम पर नपुंसक बना दिया गया। इस मामले में गत दिवस सीबीआई की दिल्ली शाखा में डेरा प्रमुख व अन्य के खिलाफ सीबीआई ने संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।  उधर डेरा प्रमुख गुरमीत सिंह की ओर से मंगलवार को उच्च न्यायालय की डबल खंडपीठ के समक्ष याचिका लगाकर एकल खंडपीठ के सीबीआई जांच के फैसले को चुनौती दी गई थी। डेरा प्रमुख का तर्क था कि स्वस्थ्य व्यक्ति को उसकी मर्जी से नपुंसक बनाया जाना कानून की अवज्ञा नहीं है। याचिका में डेरा प्रमुख ने बेंच के फैसला सुनाए जाने तक सीबीआई जांच पर रोक की मांग भी की थी। इस याचिका पर गुरूवार को मुख्य न्यायाधीश एवं एक अन्य जज  पर आधारित खंडपीठ द्वारा सुनवाई की गई। सुनवाई के दौरान खंडपीठ ने डेरा प्रमुख की सीबीआई जांच पर स्टे की मांग खारिज करते हुए प्रदेश सरकार, सीबीआई तथा याचिकाकर्ता को नोटिस जारी किया है। खंडपीठ इस मामले में आगामी 25 फरवरी को फैसला ले सकती है।

No comments