सिरसा में अफसरशाही की बदौलत : परेशान है लोग

सिरसा(प्रैसवार्ता)। डी प्लॉन के तहत सड़क निर्माण के लिए स्वीकृति की गई राशि के अन्य मद में खर्चे जाने का मामला विवादित होता जा रहा है, क्योंकि इसमें तत्कालीन उपायुक्त डा. अशंज सिंह की संलिप्तता नजर आती है। ''प्रैसवार्ता" को मिली जानकारी के अनुसार तत्कालीन उपायुक्त डॉ. अंशज सिंह के नेतृृत्व में डी-प्लॉन के तहत रंगडी रोड से ढाणी को जाने वाली सड़क को पक्का करने के लिए वर्ष 2013-14 के तहत आठ लाख रूपये की राशि स्वीकृत की गई थी, जिसके निर्माण से कई ग्रामों व ढाणियोंं को फायदा होना था, क्योंकि यह सड़क खड्डों का रूप ले चुकी है। इस सड़़क से प्रतिदिन सैंंकड़ों राहगीरों का आवागमन होता है, जिस कारण अक्सर हादसे भी होते रहते है। कागजों में सड़क के लिए स्वीकृत इस राशी से जिम के उपकरण खरीद लिए गए, जिसमें मोटा कमीशन मिलने की चर्चा है। जिला भर में अभी तक दो लाख से अधिक का किसी ग्राम में जिम स्थापित नहीं किया गया है। ग्राम में जिम स्थापित करने की एक प्रक्रिया है, जिसके लिए एक कमेटी गठित की जाती है, जो अनुमादित राशी तैयार की जाती है। इसके बाद टैंडर होता है। टैंडर उपरांत कंपनी का चयन किया जाता है। ग्राम खाजाखेड़ा को बगैर प्रस्ताव पास जिम खरीदने के लिए राशी दी गई, जिसकी जानकारी न तो बीडीपीओ को है और न ही जिम खरीदने के लिए गठित कमेटी को। बगैर एस्टीमेट पास किए, टैंंडर किए राशी का भुगतान कर दिया गया। मामला सीएम विंडों से मुख्यमंत्री दरबार पहुुंच गया है।

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