हाउस टैक्स के गलत नोटिसों ने उड़ाई लोगों की नींद

सिरसा(प्रैसवार्ता)। नगर परिषद लोगों के लिए जी का जंजाल बन गई है। परिषद के अधिकारियों द्वारा जहां घपले घोटाले करके विकास राशि को डकारा जा रहा है?वहीं गलत हाउस टैक्स के नोटिस देकर लोगों की नींद उड़ाई जा रही है।?परिषद द्वारा इन दिनों हाउस टैक्स वसूली का अभियान छेड़ा गया है।?इस अभियान के दौरान लोगों को धड़ाधड़ हाउस टैक्स के नोटिस थमाए जा रहे हैं मगर नोटिस में हाउस टैक्स के लिए वर्ष 2010-11 से 2014-15 की अवधि का टैक्स भरने का फरमान सुनाया गया है। प्रैसवार्ता को सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार नगर परिषद द्वारा पिछले पांच वर्षों के इकट्ठा हाउस टैक्स का नोटिस दिए जाने से लोगों में हड़कंप मचा हुआ है। एक साथ पिछले हाउस टैक्स को लेकर लोगों पर आर्थिक भार आ पड़ा है। यह स्थिति तब है जब सरकार की ओर से बीते वर्षों में हाउस टैक्स माफी का ऐलान किया गया था। बाद में 100 गज तक टैक्स माफी की भी बात कही गई थी। अब पिछले पांच वर्षों के इकट्ठा हाउस टैक्स का तकाजा किया जा रहा है। शर्मनाक स्थिति यह है कि नगर परिषद की ओर से उन लोगों को भी पिछले पांच वर्षों के हाउस टैक्स अदा करने के नोटिस थमाए गए हैं जो पिछले चार वर्षों के हाउस टैक्स समय पर अदा कर चुके हैं। नगर परिषद द्वारा अपने रिकार्ड की पड़ताल किए बगैर हरेक को पांच-पांच वर्ष के नोटिस दिए गए हैं।?पहले हाउस टैक्स अदा कर चुके लोगों द्वारा पुराने हाउस टैक्स से बचने के लिए स्वयं ही अपना पक्ष रखना पड़ रहा है। उन्हें पूर्व में अदा किए गए हाउस टैक्स की रसीद प्रस्तुत करनी पड़ रही है। इसके साथ ही नगर परिषद में रिकार्ड भी स्वयं खंगालकर पेश करना पड़ रहा है। नगर परिषद की कारगुजारी को लेकर हर व्यक्ति परेशान है। अनेक लोगों ने बताया कि नगर परिषद के अधिकारियों ने लोगों के सिर पर ठीकरा फोडऩे का काम किया है। अपना रिकार्ड  जांचे बगैर ही पांच-पांच साल के हाउस टैक्स के नोटिस दिए जा रहे हैं।
हाउस टैक्स का हवाई निर्धारण
नगर परिषद द्वारा हाउस टैक्स के नोटिस में अनेक खामियां सामने आई हैं। परिषद की ओर से हाउस टैक्स का जो आंकलन किया गया है उसका कोई आधार नहीं है। परिषद की ओर से 100 गज के भूस्वामी को तीन-तीन सौ गज का हाउस टैक्स का नोटिस थमाया गया है जबकि अनेक को रिहायशी स्थल होने के बावजूद कामर्शियल रेट के नोटिस थमाए गए हैं। परिषद में इन दिनों हाउस टैक्स में नोटिस के सुधार को लेकर लोगों की कतार लगी हुई है। परिषद की ओर से हाउस टैक्स का आंकलन करने के लिए कोई आधार नहीं बनाया गया है और मनमर्जी के हाउस टैक्स के नोटिस थमा दिए गए है।
आरटीआई में मांगा जवाब
नगर परिषद द्वारा मनमाने हाउस टैक्स के नोटिस भेजने को लेकर सूचना का अधिकार का इस्तेमाल किया गया है।?आरटीआइ में नगर परिषद से हाउस टैक्स का आंकलन करने के तरीके के बारे में जानकारी मांगी गई है। पूछा गया है कि हाउस टैक्स का सर्वे किस एजेंसी द्वारा किया गया। हाउस टैक्स का निर्धारण करने के लिए क्या प्रक्रिया अपनाई गई। नगर परिषद ने हाउस टैक्स का निर्धारण करने वाली एजेंसी को कितनी राशि की अदायगी की है।? इस आशय की भी जानकारी मांगी गई है?कि हाउस टैक्स को लेकर कितनी शिकायतें दर्ज की गई हैं और सर्वे करने वाली एजेंसी को क्या जुर्माना लगाया गया है।

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