द ब्लड स्ट्रीट फिल्म में संत दादूवाल ने निभाई है दमदार भूमिका : कर्मजीत बराड़

सिरसा(प्रैसवार्ता)। 1984 में हुए दंगों के बाद 1987 से 1992 के पंजाब के काले दौर पर आधारित फिल्म द ब्लड स्ट्रीट पर भारत में सैंसर बोर्ड ने रोक लगाई हुई है, जबकि विदेशों में सैंसर बोर्ड ने इस फिल्म को रिलीज करने के लिए प्रमाण पत्र दे दिया है। यह बात फिल्म के मुख्य अभिनेता कर्मजीत बराड़ ने आज प्रैस को जारी एक विज्ञप्ति में कही। बराड़ ने कहा कि सैंसर बोर्ड ने किसी स्वार्थ के चलते इस फिल्म पर रोक लगाई हुई है, जबकि इससे पूर्व भी ऐसी कई फिल्में आई है, जिन्हें सैंसर बोर्ड ने प्रमाण पत्र दिया है। उन्होंने कहा कि अगर सैंसर बोर्ड एमएसजी को प्रमाण पत्र दे सकता है, तो उनकी फिल्म द ब्लड स्ट्रीट को प्रमाण पत्र क्यों नहीं मिल सकता। फिल्म के बारे में बताते हुए बराड़ ने कहा कि यह फिल्म पंथक सेवा लहर के प्रमुख संत दादूवाल के मार्गदर्शन में बनाई गई है और इस फिल्म में संत दादूवाल ने भी अभिनय किया है। बराड़ ने कहा कि यह कहानी केवल पंजाब की नहीं है, बल्कि उस हर देश की है, जहां लोगों पर जुल्म होता रहता है और वे आवाज नहीं उठा पाते। इस फिल्म में संत दादूवाल ने प्रचारक की दमदार भूमिका निभाई है, जो युवाओं को जुल्म के खिलाफ लडऩे के लिए प्रेरित करते है, इसलिए यह फिल्म युवाओं को भड़काने का काम नहीं कर सकती।

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