हरियाणा में भाजपाई झंडे बढ़े, इनैलो के झंडे कम और कांग्रेसी ध्वज गायब

सिरसा(प्रैसवार्ता)। लोकसभा चुनाव के बाद हरियाणा में भाजपाई झंडे लगे वाहन कहीं-कहीं नजर आते थे, मगर विधानसभा चुनाव में भाजपाई सरकार बनते ही भाजपाई झंडों की बाढ़ आ गई है। लोकसभा तथा विधानसभा चुनाव दौरान मतदाताओं द्वारा इनैलो को दिखाए गए आइने से राज्य के वाहनों, भवनों व दुकानों पर लहराते हुए इनैलो के चश्मे वाले झंडों में भारी कमी आई है, जबकि कांग्रेस झंडे तो लगभग गायब ही हो गए है। हरियाणवी राजनीति में राजसी दिग्गजों का पार्टी बदलना, झंडा बदलना और अपनी राजनीतिक आस्था में बदलाव लाना एक सामान्य बात कही जा सकती है। इनैलो के गढ़ कहे जाने वाले सिरसा में, जहां की पांच विधानसभा क्षेत्रों पर इनैलो का कब्जा है, में भी इनैलो के झंडे में कमी आई है। जबकि भाजपा में वरिष्ठ नेताओं का इजाफा हुआ है। भाजपा के कभी भी प्राथमिक सदस्य न रहे विभिन्न विभिन्न राजनीतिक दलों से संबंधित दागी, बागी व अवसरवादियों के वाहनों पर भाजपाई ध्वज लहराते देखे जा सकते है। केवल इतना ही नहीं होर्डिंग्स पर स्वयं को वरिष्ठ भाजपाई नेता लिखने वालों की कमी नहीं है। विधानसभा चुनाव दौरान अपनी-अपनी पार्टी छोड़कर भाजपाई ध्वज उठाने वालों को भाजपाई दिग्गज तवज्जों नहीं दे रहे, जिस कारण वह दुखी हृदय से बिन बुलाए मेहमान बनकर स्वयं को भाजपा में स्थापित करने की जुगाड़  में देखे जाने लगे है। कांग्रेसी दिग्गजों में अभी तक मायूसी छाई हुई है, जबकि इनैलो नेेता ज्यादा वर्कर कम की स्थिति तक पहुंच गई है। 

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