रॉय पर भारी पड़ रही है फिल्म एमएसजी द मैसेंजर, दर्शकों को खूब आ रही पसंद

सिरसा(प्रैसवार्ता)। 'एमएसजी द मैसेंजर' का जादू सिरसावासियों के सिर चढ़ बोल रहा है। शनिवार को दूसरे दिन सिरसा में ओएचएम सिने गार्डन के अलावा डेरा सच्चा सौदा के निकट बनाए गए नवनिर्मित 'माही' सिनेमा तथा डबवाली के  'दर्पण' सिनेमा में दर्शकों ने फिल्म देखी। संत गुरमीत राम रहीम सिंह के निर्देशन व अभिनय से सजी फिल्म को खूब प्यार मिल रहा है।  'एमएसजी द मैसेंजर'  का जादू दूसरे दिन भी सिर चढ़ कर बोला। पीवीआर में सुबह सवेरे से दर्शकों की भीड़ उमडऩे लगी तथा यह क्रम सांय तक जारी रहा। 
'एमएसजी द मैसेंजर' से महक उठा 'माही' 
शाह सतनाम जी धाम के निकट बनाए गए 'माही' सिनेमा भी शनिवार से दर्शकों के लिए विधिवत रूप से आरंभ हो गया।  'एमएसजी द मैसेंजर' फिल्म का साथ पाकर यूं लग रहा था मानो 'माही' खुशी से महक उठा हो। इस पावन अवसर को संत गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने चार चांद लगा दिए। उन्होंने रिबन जोड़कर व नारियल तोड़कर उद्घाटन किया और शाही परिवार के संग फिल्म का लुत्फ उठाया व दर्शकों को आशीर्वाद दिया। इस अवसर पर दर्शकों ने नाच गाकर अपनी खुशी का इजहार किया। 
फिल्म देखकर आएगा तो सुधरेगा
संत गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने कहा कि वे सत्संग व म्यूजिक कंसर्ट(रूबरू नाईट) करते हैं, जिनमें काफी संख्या में युवा आते हैं। रूबरू नाईट में युवाओं की संख्या बहुत ज्यादा होती है। एक रूबरू नाईट में कुछ परिचित युवा दिखाई नहीं दिए तो अगले दिन उनसे पूछा तो उन्होंने झिझक के साथ बतलाया कि वे फिल्म देखने गए थे। साथ ही युवाओं ने कहा कि वे परिवारवालों से बिना बताए फिल्म देखने गए थे क्योंकि माता पिता सोचते हैं कि फिल्में देखने से बच्चे बिगड़ते हैं। उन्होंने बताया कि एकाएक उन्हें विचार आया कि क्यूं ना बुरी समझी जाने वाली फिल्म को अच्छी बनाकर युवाओं को दिखाई जाए। ऐसी फिल्में दिखाई जाए, जिनके बारे में माता पिता भी कहे कि जा बेटा फिल्म देख आ, फिल्म देखकर बिगड़ेगा नहीं बल्कि सुधरेगा ही। फिल्म के माध्यम से उनका उद्देश्य बुराइयों को मिटाने का संदेश देना है तथा युवाओं को नशों व दूसरी बुराइयों से हटाकर मानवता की सेवा में लगाना है। 
नारों से गूंजा पीवीआर- सिनेमा
संत गुरमीत राम रहीम सिंह जी द्वारा बनाई गई फिल्म को देखने के लिए उमडऩे वाली भीड़ बॉलीवुड स्टॉर्स की फिल्मों की  तुलना में कई गुणा अधिक नजर आ रही है। पीवीआर ओएचएम, माही सिनेमा तथा डबवाली के दर्पण सिनेमा में हर उम्र के लोग शामिल थे, बच्चे, युवा, बुढ़े, अधेड़, महिलाएं, लडकियां , लड़के सभी और सभी की जुबां पर एक ही नाम था एमएसजी- एमएसजी । दर्शक रह रह कर फिल्म के गानों पर थिरकते, हूटिंग करते तथा धन धन सतगुरु तेरा ही आसरा व एमएसजी के नारे लगाते दिखाई दिए। 
रॉय पर भारी पड़ी एमएसजी
एमएसजी ने पर्दापण के साथ ही बड़े बड़े स्टारों को सीधी टक्कर दी है। एमएसजी के सामने रॉय फिल्म है, जिसमें जैकलीन फ्रंनाडिस, रणवऊीर कपूर व अर्जून रामपाल मुख्य भूमिकाओं में हैं। रॉय फिल्म एमएसजी के आगे कहीं टिकती नजर नहीं आई । अकेले सिरसा की बात करें तो रॉय फिल्म एक ही ऑडी में चली जबकि एमएसजी तीनों ऑडी में। रॉय के मात्र 2 शो चले तो एमएसजी के 9। वहीं माही पीवीआर तथा डबवाली में भी एमएसजी का जलवा है।  'एमएसजी द मैसेंजरÓ के माध्यम से संत गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की बहुमुखी प्रतिभा के बारे में आम आदमी जान रहा है और फिल्म की सभी विद्याओं अदाकारी, गायकी,निर्देशन, कोरियोग्राफी, गीत लेखन, डॉयलॉग, डॉयरेक्टर ऑफ पिक्चराइजेशन, एक्शन डायरेक्टर, आर्ट डायरेक्टर इत्यादि में अपनी प्रतिभा साबित की है। आमजन ने उन्हें हर रूप में पसंद किया है। 
फिल्म का हर गाना सुपरहिट
एमएसजी फिल्म का हर गाना सुपरहिट है, जो खूब हिट जो चुके हैं। तेरिया बातां, राम राम राम ओ मेरे राम, पापा द ग्रेट मेरे पापा द ग्रेट, नेवर ऐवर , जिएंगे मरेंगे देश के लिए, दारू को गोली मारो सभी एक से एक है। 

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