तूल पकड़ रहा है मृतका पायल गोदरा सुसाइड मामला, विद्यार्थी व परिजन मांग रहे है न्याय

चंडीगढ़(प्रैसवार्ता)। एसजीटी विश्वविद्यालय गुडग़ांव में एमबीबीएस की छात्रा पायल गोदारा निवासी गांव ख्योवाली(सिरसा) द्वारा कॉलेज हॉस्टल में संदिग्ध परिस्थितियों में फंदा लगाकर आत्महत्या करने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। पुलिस का कहना है कि उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ धारा 306 आइपीसी के तहत मामले में कार्रवाई शुरू कर दी है और विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार व प्रिंंसिपल को भी नोटिस जारी किया हुआ है। मृतका का लिखा हुआ कोई कागज भी विश्वविद्यालय से मंगवाया है, जिसके मिलते ही उसे मृतका के  सुसाइड नोट से मिलाया जाएगा और फिर कार्रवाई की जाएगी। लेकिन मृतका के परिजनों का कहना है कि पुलिस इस मामले में कार्रवाई नहीं कर रही है, इसलिए वे चाहते है कि मामले की जांच पुलिस की बजाए अन्य एजेंसी से हो। इस मामले को लेकर मृतका के परिजनों व विश्वविद्यालय के छात्रों ने गुडग़ांव में  कैंडल मार्च व रोष प्रदर्शन कर पायल के लिए न्याय मांगा। मृतका के परिजनों का आरोप है कि इस पूरे मामले में कॉलेज प्रशासन दोषी है जिसकी गुडग़ांव पुलिस के अलावा किसी अन्य जांच एजेंसी से निष्पक्ष जांच करवाई जाए और जब तक इस मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती व हमें न्याय नहीं मिलता हम चैन से नहीं बैठेंगे। बता दें कि मृतका पायल गोदारा निवासी गांव ख्योवाली एक फरवरी को शादी में शरीक होने के बाद गुडग़ांव लौट गई थी, जिसके बाद तीन फरवरी को उसने अपने परिजनों से फोन पर बात की। 4 फरवरी को गुुड़ग़ांव में उसने कॉलेज हॉस्टल में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतका के पास से सुसाइड नोट भी बरामद हुए थे, जोकि हिंदी में लिखे हुए थे, जबकि पायल अक्सर अंग्रेजी में लिखती थी। मामलें में राजेंद्रा पार्क थाना गुडग़ांव पुलिस ने मृतका के चाचा शीशपाल गोदारा के बयान पर उसकी भतीजी पूनम को आत्महत्या के लिए विवश करने के आरोप में कॉलेज प्रशासन के खिलाफ धारा 306 आइपीसी के तहत केस दर्ज कर लिया था।

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