युवाओं को किताबों से जोडऩे का प्रयास कर रहा है गुरूनानक किताब घर

सिरसा(प्रैसवार्ता)। आज की युवा पीढ़ी, जो पूरी तरह से स्क्रीन में सिमटकर रह गई है, यानि कि स्मार्टफोन और टीवी पर उनका ध्यान है, ऐसे में सिरसा के सिटी थाना रोड़ पर स्थित गुरू नानक किताब घर युवा पीढ़ी को एक बार फिर किताबों से जोडऩे का प्रयास कर रहा है। सन् 1988 से संचालित गुरूनानक किताब घर 25 फरवरी को 27वें वर्ष में प्रवेश कर जाएगा। गुरूनानक किताब घर के संचालक मनजीत सिंह चिटकारा  का कहना है कि सन् 1988 से इस किताब घर में स्कूल की किताबें, कॉलेज की किताबें, धार्मिक किताबें, स्टेशनरियां इत्यादि के लिए लोगों, विशेषकर बच्चों का बड़ी संख्या में आना लगा रहता है, जो इस बात का प्रमाण है कि सूचना क्रांति और कई तरह की आशंकाएं व्यक्त किए जाने के बाद भी किताबों का जादू बरकरार है और लोग किताबें खरीदना चाहते हैं। उनके किताब घर में बड़ी संख्या में पुस्तक प्रेमी पहुँचते हैं। ये पुस्तक प्रेमी दिल्ली या आसपास के क्षेत्रों से ही नहीं, बल्कि अन्य राज्यों और दूर-दराज के क्षेत्रों से भी आते है, क्योंकि इससे उन्हें अपनी पसंद की पुस्तकों यहां मिल जाती है और नए प्रकाशनों के बारे में भी जानकारी मिल जाती है। उनका प्रयास है कि जो लोग व बच्चे साहित्यिक किताबें नहीं पढ़ते, उनमें किताबों के प्रति रुचि उत्पन्न की जाए, ताकि निश्चित तौर से एक बेहतर समाज का निर्माण हो सके।

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