दिग्गज कांग्रेसियों में बढ़ रहा है ''नमों-नमों" रूझान

सिरसा(प्रैसवार्ता)। लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की लुढ़कती नैया ने कांग्रेसी दिग्गजों का रूझान ''नमों-नमों" की तरफ बढ़ा दिया है और कांग्रेसी दिग्गजों का ''मोदी चालीसा" पढऩे का आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है। हरियाणा विधानसभा चुनाव मे वीरेंद्र सिंह डूमरखां, दिल्ली विधानसभा चुनाव में कृष्णा तीरथ, जयंति नटराजन, पंजाब के जगमीत सिंह बराड़, तामिलनाडू से पी. चिदंबरम तथा जी के वासन सहित अनेक कांग्रेसी दिग्गजों ने कांग्रेस से अलविदाई लेकर भाजपाई ध्वज थाम लिया है और ऐसे कांग्रेसी दिग्गजों की अभी भी लंबी कतार है, जो असंतोष के चलते कांग्रेस छोडऩे की फिराक में है। मजेदार तथ्य यह है कि कांग्रेस छोडऩे वाले सभी दिग्गजों को ''नमों-नमों" रास आया है।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोद की कमान संभालने के बाद हरियाणा विधानसभा चुनाव में ऐन मौके पर हरियाणा के दिग्गज कांग्रेसी नेता वीरेंद्र डूमरखां ने भाजपाई ध्वज उठाया और प्रदेश में भाजपाई सरकार बनाने में अहम् भूमिका निभाई। राज्यसभा सदस्यता छोडऩे वाले डूमरखां को भाजपा ने पुन: राज्यसभा बनाने के साथ साथ केंद्र में मंत्रीपद से सुशोभित किया है। भाजपा की, जहां हरियाणा में सरकार बनी, वहीं एक जाट नेता भी मिला, जिसकी भाजपा में कमी लंबे समय से महसूस की जा रही थी। पंजाब में एक लंबे समय से सत्ता पर काबिज रहे जट-सिखों का विकल्प ढूूंढ रही भाजपा नवजोत सिंह सिधू पर ही निर्भर थी, जिसके बलबूते भाजपा अपने स्वपन को साकार नहीं कर सकती थी। इसलिए भाजपा ने कांग्रेस के तेज तर्रार दिग्गज जगमीत सिंह बराड़ पर डोरा डाला है। बराड़ ने गांधी परिवार की लीडरशिप पर सवालिया निशान उठाकर कांग्रेस से अलविदाई लेकर भाजपाई ध्वज उठा लिया है। इसी प्रकार पूर्व केंद्रीय मंत्री कृष्णा तीरथ, जयंति नटराजन, पी.चिदंबरम, जी के वासन इत्यादि का ''नमों-नमों" के प्रति प्रेम जाग उठा है और कई कांग्रेसी दिग्गजों में भी ''मोदी प्रेम" हिलोरे मार रहा है।

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