बीएड के विद्यार्थियों को किया चाइल्ड लाइन के प्रति जागरूक

सिरसा(प्रैसवार्ता)। दिशा स्कूल के कांफ्रेंस हाल में चाइल्ड लाइन की एक बैठक  बुलाई गई, जिसमें चाइल्ड लाइन सिरसा की निदेशिका गीता कथूरिया व अन्य ठीम सदस्यों के द्वारा की जेसीडी सस्ंथान के कालेज ऑफ एजुकेशन के बीएड के छात्रों को चाइल्ड लाइन के बारे में जागरूक किया गया। बैठक के दौरान गीता कथूरिया ने चाइल्ड लाइन हेल्प लाइन न. 1098 के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। इस अवसर पर चाइड लाइन की टीम सदस्य प्रीति अरोड़ा और जसप्रीत ने बताया कि चाइल्ड लाइन की शुरूआत 20 जून 1996 को टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंस मुम्बई में प्रो.के रूप में कार्यरत जिरोबिल मोरिया ने की थी। यह सेवा भारत सरकार एवं बाल विकास मंत्रालय के नियंत्रण में कार्य कर रही है। यह हेल्पलाइन न.24 घंटे कार्यरत रहता है। चाइल्ड लाइन के माध्यम से जन्म से लकेर 18 साल तक के बच्चे जो किसी शारीरिक, मानसिक  अथवा आर्थिक शोषण का शिकार है, लावारिस, गुमशुदा अथवा घर से भागा हुआ, गंभीर बीमारी के समय उपचार की जरूरत है। बाल श्रम, बाल विवाह, यौन शोषण का शिकार, एच.आई.वी या एड्स से पीडि़त या किसी बच्चें को भावानात्मक सहयोग की जरूरत है तो संस्था में 1098 पर कॉल की जाती है। इसके बाद नजदीकी क्षेत्र में स्थापित चाइल्ड लाइन के पदाधिकारियों को इसकी सूचना दी जाती है, जो मौके पर पहुंचते हंै और पीडि़त बच्चों की 6 माह तक देखरेख की जाती है। इसके साथ ही साथ विद्यार्थियों से ये भी आश्वासन लिया गया कि अगर उन्हें कोई ऐसा बच्चा मिलता है जिसको सहायता की जरूरत है जो वे अपने कर्तव्य से पीछे नहीं हटेंगे और 1098 पर फोन करके उसकी अवश्य सहायता करेंगे। इस अवसर पर चाइल्ड लाइन के टीम मैम्बर भंवर लाल स्वामी, राखी फुटेला, अशोक यादव व बीएड के विद्यार्थी आदि सब मौजूद थे।

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