नायब तहसीलदार कार्यालय के बाहर प्रदर्शन

कालांवाली(प्रैसवार्ता)। देश में करीब दस माह पहले सरकार बनाकर और प्रदेश में करीब चार माह पहले पहली बार सरकार बनाने वाली बीजेपी के तमाम नेता यानि प्रधानमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री और मंत्री सभी एक ही बात का अलाप कर रहे थे कि अब देखना भष्ट्राचार का खातमा होगा और ईमानदार सरकार लोगों को मिली है लेकिन दूसरी और बुधवार से लेकर आज, शुक्रवार को कालांवाली में मौजूदा नायव तहसीलदार दयाल सिंह पर पहले चाय वाले से डेढ लाख रूपए की रिश्वत मांगने के आरोप लगे फिर एक किसान ने आरोप लगाए। इतना ही नहीं प्रदेश के दो टीवी चैनल के रिर्पोटर को भी नायव तहसीलदार की और से खबर रोकने की एवज में रिश्वत देने की पेशकश हुई और सभी खबरे पिछले तीन दिनों से टीवी चैनल और समाचार पत्रों में सुर्खिया बनी हुई है लेकिन सरकार व सरकार के नुमाईदें और प्रशासन की और से कोई खास प्रतिक्रिया नहीं आ रही है। देश व प्रदेश की जनता को ईमानदार सरकार देने वाली बीजेपी सरकार की कोई समझ नहीं आ रही है कि सरकार उक्त मुुद्दे को लेकर चुप क्यों है। बेशक सरकार की और से उक्त मुद्दे को गंभीर न ले रही हो लेकिन बीजेपी के तमाम नेताओं को इस बात पर ध्यान देने की जरूरत है कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी चाय बेचते थे और एक चाय वाला किस प्रकार से डेढ लाख की रिश्वत दे सकता है। खैर कुछ भी हों बेशक बीजेपी की और से कोई कार्रवाई अमल में न लाई जा रही हों कांग्रेस इनेलो की और से प्रदर्शन होना है और आम आदमी पार्टी की और से प्रदर्शन कर नायव तहसीलदार का सस्पेंड करने की मांग ने सिद्व किया है कि आम आदमी पार्टी आम लोगों की है। उक्त मामले में सरकार की और से कोई कार्रवाई न करने पर एक सबाल तो पैदा होता ही है इमानदार सरकार देने वाली बीजेपी कहां गई वाह रे बीजेपी सरकार......। इस संबंध में जब नायब तहसीलदार दयाल सिंह से बात करनी चाही, तो उनका फोन स्विच ऑफ आ रहा था, जबकि नायब कार्यालय के रीडर हरि राम ने बताया कि साहब तो आज छुट्टी पर है। कार्यालय के बाहर प्रदर्शन तो था, आम आदमी पार्टी का ही था। मुद्दा भी भ्रष्टाचार का था। लेकिन उन्होंने मुझे कोई ज्ञापन नहीं सौंपा। जब रीडर से पूछा गया कि आपके कार्यालय में ऐसा कौन सा भ्रष्टाचार चल रहा है, जिसे लेकर यह प्रदर्शन हुआ है, तो उन्होंने कहा कि इसकी जानकारी मुझे तो नहीं है, साहब आएंगे तो वो ही देंगे।

No comments