डेरा मुखी गुरमीत राम रहीम : प्रतिदिन सुनवाई के साथ ही बढ़ी अनुयायियों की गतिविधियां

प्रैसवार्ता न्यूज, सिरसा(मनमोहित ग्रोवर)। साध्वियों के साथ यौन शोषण मामले में डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह इन्सां की प्रतिदिन अदालती सुनवाई के साथ समर्थकों की गतिविधियां बढ़ गई है और इसी के साथ ही कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए प्रशासन की सांसे फूली है, वहीं किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए डेरा अनुयायी भी तैयारी में दिख रहे है। राज्य के कुछ जिलों में डेरा समर्थकों द्वारा प्रतिदिन भारी संख्या में नाम चर्चा घरों में सिमरन (जाप) करने से खूफिया तंत्र और प्रशासन सर्तक हो गया है। ऐसी परिस्थिति को सामान्य भी नहीं माना जा सकता। पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह इन्सां की याचिका खारिज होने उपरांत डेरा समर्थकों की गतिविधियों में इजाफा हो गया है। डेरा से जुड़े विभिन्न प्रकोष्ठ के लोग टीमें बनाकर लोगों को नामचर्चा के माध्यम से अपने सत्गुरू के लिए हर बलिदान के लिए प्रेरित कर रहेे है। सूत्रों का तो यहां तक दावा है कि डेरा से जुड़े समर्थक अंदर खाते ऐसी तैयारियों में जुट गए है, जो कोई भी अप्रिय अदालती निर्णय आने पर सड़कों पर उतर सकते है। अतीत गवाह है कि  करीब पांच वर्ष पूर्व डेरामुखी पर संभावित आंच की आशंका मात्र से ही सड़कों पर उतरकर डेरा प्रेमियों ने सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया था। राज्य में कइ्र्र स्थानों पर सरकारी बसें तक जला दी गई थी। प्रशासन को काफी मशक्कत करनी पड़ी थी। हरियाणा की भाजपा सरकार इससे पहले ही सतलोक आश्रम मामलें में किरकिरी करवा चुकी है और डेरामुखी को लेकर उत्पन्न होने वाली स्थिति से कैसे निपटेगी, को लेकर क्यास लगाए जा रहे है। डेरा प्रेमियों के खुले समर्थन से सत्ता में आई खट्टर सरकार लाखों डेरा प्रेमियों से निपटने के लिए क्या रणनीति रखती है, यह तो आने वाला समय ही बताएगा, मगर डेरामुखी के समर्थक सतलोक आश्रम से कहीं ज्यादा है, जिनमें आस्था कूट-कूट कर भरी हुई है। डेरामुखी की अदालत पेशी के साथ सिरसा में न्यायालय के ईद-गिर्द प्रेमियों की फौैज निरंतर बढ़ रही है, जिसके लिए फिलहाल तो प्रशासनिक प्रबंध पुख्ता है, मगर भविष्य को भविष्य के गर्भ में ही कहा जा सकता है।

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