कानून व नियमों को दिखाया जा रहा है ठेंगा

सिरसा(प्रैसवार्ता)। कानून व नियमों को ठेंगा दिखाते हुए जिला के कुछ मैरिज पैलेस होटल, रैस्टोरैंट, लूट-खसूट के अड्डे बने हुए है, जहां ग्राहकों से मनमाने दाम वसूल कर उनका आर्थिक शोषण धडल्ले से किया जा रहा है। प्रैसवार्ता को मिली जानकारी के अनुसार जिलाभर के मैरिज पैलेस, होटल व रैस्टोरैंट तकनीकी कमियों की गिरफ्त में है, जो किसी भी समय किसी अप्रिय हादसे को जन्म दे सकती है। नियमानुसार ऐसे मैरिज पैलेस, होटल व रैस्टोरैंट के नक्शे पास होने के साथ साथ प्रदूषण बोर्ड, फायर सर्विस इत्यादि से कोई आपत्ति नहीं का प्रमाण पत्र लेना अनिवार्य है, मगर ज्यादातर पैलेस, होटल व रैस्टोरैंट स्वीकृत मानचित्र के विपरित बने हुए है। देर रात तक लाऊड स्पीकरों का चलना, आर्केस्ट्रा, आवाज देने वाला यंत्र व शराब के खुल्लम खुल्लम प्रयोग पैलेसों, होटलों व रेस्टोरैंट्स में सामान्य बात है, जोकि आम आदमी की मानसिकता, रोगियों व बच्चों के स्वास्थय को प्रभावित करता है। सरकारी आदेशों के अनुसार पैलेस, होटल व रैस्टोरैंट का समय-समय पर पुलिस प्रशासन, उपमंडल मैजिस्ट्रेट, नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी, लोक निर्माण विभाग भवन तथा मार्ग के कार्यकारी अभियंता, चीफ इलैक्ट्रिक इंस्पैक्टर और फायर अधिकारी समय समय पर निरीक्षण करेंगे, परंतु सिरसा जिला में ऐसा नहीं हो पा रहा। ज्यादातर होटलों में ठहरने वाले यात्रियों की सूचना पुलिस प्रशासन को नहीं दी जाती, जबकि खाने-पीने की वस्तुओं के दाम भी बाजार भाव से कहीं ज्यादा वसूले जाते है। लोगों में खाद्य सुरक्षा अधिनियम 1986 और 1987 की  जानकारी न होने का फायदा पैलेस, होटल व रैस्टौरेंट संचालक उठाकर सरकारी नियमों को ठेेंगा दिखा रहे है। दुकानों का न खुलना व बंद होना दुकानदारों की मर्जी पर निर्भर है। जिला में ज्यादातर पैलेस, होटल व रैस्टोरैंट की भी कमी नहीं है, जहां पार्किंग सुविधा उपलब्ध तक नहीं है। 

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