कोर्ट में पेश हुए डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम, अब 18 को होगी पेशी


सिरसा(प्रैसवार्ता)। डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम ने सोमवार को साध्वी यौन शोषण, छत्रपति हत्याकांड व रणजीत सिंह हत्याकांड में सीबीआई की  पंचकूला स्थित विशेष अदालत के समक्ष हाजिरी लगाई। साध्वी यौन शोषण मामले में आरोपी गुरमीत राम रहीम द्वारा लगाई गई हस्तलिपि की जांच वाली याचिका को अदालत ने स्वीकार कर लिया। इसी के साथ रणजीत हत्या मामले में आरोपी पक्ष द्वारा 23 गवाहों को पेश करने की अनुमति दी गई। छत्रपति हत्याकांड में आरोपी पक्ष द्वारा लगाई गई याचिकाओं पर सोमवार को बहस हुई। तीनों मामलों में आगामी सुनवाई के लिए अदालत द्वारा 18 अप्रेल की तारीख मुकर्रर की गई है। प्रैसवार्ता को मिली जानकारी के अनुसार सोमवार सुबह डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम ने स्थानीय अदालत पहुंचकर वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए पंचकूला अदालत के समक्ष हाजिरी लगाई। सुनवाई के दौरान रणजीत हत्याकांड में आरोपी पक्ष द्वारा सौंपी गई गवाहों की सूची में से प्रमाणिकता के आधार पर अदालत ने 23 गवाहों को पेश करने की अनुमति दी। ज्ञातव्य हो कि डेरा सच्चा सौदा की प्रबंधन समिति के सदस्य रहे रणजीत सिंह की हत्या का आरोप भी डेरा प्रमुख सहित अन्य लोगों पर है। इस मामले में आरोपी पक्ष की गवाहियां शुरू होनी हैं। आरोपी पक्ष ने 53 गवाहों की सूची अदालत को सौंपी थी जिस पर विगत 6 अप्रेल को दोनों पक्षों में बहस हुई। अदालत ने इस सूची में से 23 गवाहों को प्रमाणिकता के आधार पर उचित मानते हुए गवाही की अनुमति आरोपी पक्ष को दी। वहीं पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में आरोपियों द्वारा लगाई गई दो याचिकाओं पर भी अदालत में बहस हुई। इन याचिकाओं में सीबीआई के गवाह रहे पुलिस के जांच अधिकारी तत्कालीन एसआई विजय जाखड़ व सीबीआई के जांच अधिकारी डा. अरमानदीप सिंह को पुन: बुलाने तथा हत्या के मौके का मुआयना कोर्ट द्वारा स्वयं किए जाने की मांग की गई थी। इन याचिकाओं पर बहस के दौरान सीबीआई ने इसे पूर्ण रूप से तर्कहीन बताया। इन याचिकाओं पर फैसला फिलहाल नहीं हो पाया है। साध्वी यौन शोषण प्रकरण में अदालत ने आरोपी डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम की याचिका पर निर्णय करते हुए साध्वी की हस्तलिपि की जांच चंडीगढ़ सीएफएसएल से करवाने के आदेश दिए। आदेश में सीएफएसल के एग्ज़ामिनर को 18 अप्रैल तक अपनी रिपोर्ट पेश करने को कहा है। सीबीआई की विशेष अदालत ने तीनों मामलों में आगामी 18 अप्रैल की तारीख निर्धारित की है।

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