5 लाख रुपये की ठगी बर्दाश्त न करने पाने पर कैंटीन संचालक ने किया सुसाइड

सिरसा(प्रैसवार्ता)। रेलवे में बेटे को नौकरी लगाने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी सहन न कर पाने पर पुलिस कैंटीन संचालक ने फांसी लगाकर अपनी ईहलीला समाप्त कर ली। सूचना मिलने पर पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर सामान्य अस्पताल पहुंचाया। मृतक का शव एसपी कार्यालय के पिछवाड़े शेड से लटका मिला। प्रैसवार्ता को मिली जानकारी के अनुसार रविवार सुबह लघु सचिवालय परिसर में उस समय सनसनी फैल गई लोगों ने जब एसपी कार्यालय के पीछे एक व्यक्ति का शव फांसी पर लटका हुआ पाया। मौके पर पुलिस पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए सामान्य अस्पताल पहुंचाया। मृतक की पहचान पुलिस कैंटीन के संचालक सतबीर निवासी रूदड़ोल (भिवानी) के रूप में की गई। मृतक के पास से सुसाइड नोट मिला जिसमें सतबीर ने आत्महत्या की वजह का खुलासा किया है। सुसाइड नोट में बताया गया है कि किसी ने उसके बेटे को रेलवे में नौकरी दिलाने का झांसा दिया था। नौकरी लगवाने की एवज में तीन साल पहले 5 लाख रुपये ले लिए। यह राशि उसने ब्याज पर कर्ज लेकर अदा की थी। पैसे ऐंठने वाले ने न तो उसके बेटे को नौकरी लगवाया और न ही पैसे ही वापस लौटाए। बार-बार तकाजा करने पर भी पैसे वापस अदा नहीं किए गए। बाद में वह फरार हो गया। ब्याज पर लिए पैसे की अदायगी को लेकर उसे भारी सदमा लगा। मृतक सतबीर के परिजनों ने बताया कि ब्याज सहित राशि लौटाने को लेकर वह चिंतित था। कैंटीन के संचालन से बामुश्किल घर का खर्च ही चलता था ऐसे में कर्ज चुकाने को लेकर उसने आत्महत्या का रास्ता अख्तियार किया। शहर पुलिस ने सुसाइड नोट मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है। 

आत्महत्या के लिए मजबूर करने का मामला दर्ज
शहर सिरसा पुलिस ने पुलिस कैंटीन के संचालक सतबीर की आत्महत्या के मामले में दो लोगों के खिलाफ भादंस की धारा 306 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सुसाइड नोट में भिवानी जिला के गांव हरियाबास निवासी धनपत व त्यागी के नाम का जिक्र किया गया है। पुलिस ने सुसाइड नोट के आधार पर दोनों के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का मामला दर्ज किया है। 

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