सुनीता दुग्गल सहित भाजपाई दिग्गजों को थमाया लॉलीपॉप

सिरसा(प्रैसवार्ता)। संसदीय क्षेत्र सिरसा से लोकसभा चुनाव दौरान टिकट से वंचित रहने वाली पूर्व आयकर अधिकारी सुनीता दुग्गल रतिया विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लडऩे में सफल हो गई, मगर विजयी परचम नहीं लहरा पाई। भाजपा ने इस तेजतर्रार नेत्री को पार्टी प्रवक्ता की जिम्मेवारी सौंप दी, जबकि क्यास यह लगाए जा रहे थे कि सरकार में उनकी महत्वपूर्ण भागीदारी रहेगी। सरकार में उनकी भागीदारी का स्वपन पालने वाले ज्यादातर भाजपाई दिग्गजों को जिला लोक संपर्क एवं जन परिवार का गैर सरकारी सरकारी बनाकर एक लॉलीपॉप खट्टर सरकार ने थमा दिया है, जिससे भाजपाई दिग्गजों की उम्मीदों पर ग्रहण लग गया है। प्रदेश में ऐसे भाजपाई दिग्गजों की कमी नहीं है, जो भाजपाई सरकार बनने उपरांत विभिन्न वार्डों व निगमों के चेयरमैन बनने का स्वपन संजोए हुए है और बड़ी बेसब्री से सरकार द्वारा जारी होने वाली सूची पर टिकटिकी लगाए हुए है। ऐसे भाजपाईयों को उस समय गहरा झटका लगा, जब उन्हें जिला शिकायत की कमेटी का सदस्य बनाकर राजनीतिक घाव दिया गया। भाजपाई सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेवारी की उम्मीद रखने वाले तथा मुख्यमंत्री हरियाणा के करीबी होने वाले एक भाजपा नेता को जिला शिकायत कमेटी का सदस्य बनाने भी योग्य न समझा गया। खट्टर सरकार ने भाजपाई दिग्गजों के ख्वाबों को जिला शिकायत कमेटी के सदस्य बनाने तक सीमित रखत हुए संकेत दिया है कि वह ज्यादातर महत्वपूर्ण जिम्मेवारी के लिए प्रयासरत् न रहे। ज्ञात रहे कि इससे पूर्व सरकार एवं संगठन की तरफ से स्पष्ट किया गया है कि पार्टी टिकट पर चुनाव लडऩे वाले विजयी या पराजित को महत्वपूर्ण जिम्मेवारी नहीं दी जाएगी, बल्कि उन लोगों को एडजस्ट किया जाएगा, जिन्होंने अपनी चुनाव लडऩे की इच्छा को पार्टी के लिए कुर्बान किया है। किस नेता को क्या जिम्मेवारी देनी है, मुख्यमंत्री के अधिकार क्षेत्र  में है, मगर फिलहाल उन भाजपाईयों के पैरों तले जमीन अवश्य खिसक गई है, जिन्होंने भारी खर्च करके चुनावी दंगल में अपनी शक्ति का प्रदर्शन किया और उम्मीद लगाई कि सरकार में कोई महत्वपूर्ण पद लेकर अपने खर्चे की भरपाई कर लेंगे। ऐसी सोच वालों को सरकार ने जिला कष्ट निवारण समिति का सदस्य बनाकर एक लॉलीपॉप दे दिया है, जिसे न तो वह फेंक सकते है और न ही चूस पा रहे है।

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