जनता परिवार : इनैलो पर विलय न करने का दवाब

सिरसा(प्रैसवार्ता)। इनैलो का बड़ा वर्ग शीर्ष नेतृत्व पर दवाब बनाए हुए है कि जनता परिवार का इनैलो में विलय न किया जाए, बल्कि हरा झंडा, हरी पगड़ी और चश्मा ही हरियाणवी राजनीति में करिश्मा दिखा सकता है, जिसकी पिछले 17 वर्षों से प्रभावी पहचान बनी हुई है। बार-बार पार्टी व झंडा तथा चुनाव चिन्ह बदलने से मतदाता भ्रमित हो सकते है। विलय के विरोधियों की दलील है कि जनता परिवार में शामिल हुए राजनीतिक दलों की हरियाणा में कोई विशेष उपस्थिति नहीं है, जबकि इनैलो एक मजबूत नेटवर्क रखती है। भविष्य में होने वाले लोकसभा तथा विधानसभाई चुनाव में जनता परिवार अपने-अपने हिस्से की टिकट मांग कर इनैलो के अधिकार छीन सकता है, जो बगावती तेवर पैदा कर सकता है, जिनसे इनैलो को राजनीतिक तौर पर नुकसान हो सकता है। लालू यादव व मुलायम यादव हरियाणा के अहीरवाल क्षेत्र में जरूर कुछ करिश्मा दिखा सकते है, मगर टिकट वितरण में इनकी उपस्थिति होगी। लालू और मुलायम का राजनीतिक इतिहास दर्शाता है कि इनके कदम कांग्रेस की तरफ बढ़ सकते है, जबकि जनता परिवार के अंग बनने पर इनैलो किसी सूरत में कांग्रेस का समर्थन नहीं करेगी। राष्ट्रीय राजनीति में तीसरा विकल्प देने वाले जनता परिवार समय आने पर कांग्रेस से भी हाथ मिला सकता है। विलय का विरोध कर रहे इनैलो दिग्गजों की दलील है कि इनैलो का अस्तित्व बरकरार रहना चाहिए, क्योंकि विलय से जनाधार बिखर जाएगा। इनैलो में विलय को लेकर गंभीर मंथन शुरू हो चुका है और ऐसे संकेत मिल रहे है कि पार्टी दिग्गजों के दवाब को देखते हुए इनैलो जनता परिवार में विलय करने के फैसले में बदलाव ला सकती है।

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