इनैलो विधायक एंड कंपनी ने मदिरा प्रेमियों को दिया झटका

सिरसा(प्रैसवार्ता)। स्थानीय इनैलो विधायक एवं शराब व्यवसायी मक्खन लाल सिंगला एंड कंपनी ने मदिरा प्रेमियों को जोर का झटका धीरे से दिया है। विधानसभा चुनाव में मुफ्त मदिरा का लुत्फ उठाने वाले मदिरा प्रेमी अब महंगी शराब खरीदने पर मजबूर हो गए है, क्योंकि नए वर्ष से शराब की बोतल कम से कम 100 रूपए, अध्धे पर 80 रूपए तथा पव्वे पर 50 रूपए के दाम बढ़ा दिए गए है। इसी प्रकार देसी शराब की बोतल पर भी 70 रूपए, अध्धे पर 40 रूपए तथा पव्वे पर 25 रूपए के दामों की वृद्धि की गई है। केवल इतना ही नहीं, परमिट कक्ष (शराब पीने का अहाता) के किराए में भी बढ़ौतरी की खबर है और इसी के साथ परमिट कक्ष में मिलने वाली वस्तुओं के दामों में भी भारी इजाफा हुआ है। राज्य सरकार के नियमानुसार परमिट कक्ष शराब की दुकान के साथ लगता होना चाहिए, मगर जिलाभर में अनेक परमिट कक्ष सरकार के इस निर्देश को ठेंगा दिखा रहे है। ज्यादातर परमिट कक्षों में निम्र स्तर की खाद्य पदार्थों की बिक्री महंगे दामों पर हो रही है, मगर स्वास्थय विभाग ने किसी भी परमिट कक्ष पर जाकर नमूने भरने का साहस नहीं जुटाया है। पुलिस नियमावाली मुताबिक शराब पीकर वाहन चलाना एक दंडनीय अपराध है, मगर जिला के परमिट कक्षों से प्रतिदिन हजारों मदिरा प्रेमी मदिरा सेवन करने उपरांत अपने अपने वाहनों से जाते है, मगर पुलिसिया तंत्र भी इनके चालान काटने को चुप्पी साधकर एक संदेह को जन्म दे रहे है। मदिरा प्रेमी चाहते है कि बोतल, अध्धे और पव्वे के दाम भारतीय करंसी एक रूपया, अठन्नी व चवन्नी मुताबिक हो तथा समय-समय पर परमिट कक्षों का स्वास्थय विभाग निरीक्षण कर सैंपलिंग करे और पुलिस प्रशासन मदिरा सेवन कर वाहन चलाने वालों पर कार्रवाई करे, ताकि दुर्घटनाओं का ग्राफ कम हो पाए। मदिरा प्रेमी मदिरा के बढ़ हुए दाम से कम मगर परमिट कक्षों की लूट खसूट तथा सरकारी नियमों की अनदेखी से जरूर खफा है।  दूसरी तरफ शराब व्यवसायी बढ़ी कीमत के लिए बढ़े टैंडर दाम की दलील देते हुए कहते है कि परमिट कक्षों को लेकर उनकी किसी प्रकार की जिम्मेवारी नहीं है, इसलिए प्रशासन स्वास्थय विभाग उन पर कार्रवाई कर सकता है। 

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