रीना बिरट की गांधीगिरी और शीशपाल केहरवाला के आरोप

सिरसा(प्रैसवार्ता)। जिला सिरसा में महिला कांग्रेस प्रधान बदला जाना अब विवादित मुद्दा बन गया है। बीते दिवस जिला महिला कांग्रेस की पूर्व अध्यक्षा रीना बिरट ने हवन यज्ञ कर अपने आप को प्रधान पद से हटाए जाने का रोष जताया था, तो वहीं गुरूवार को कालांवाली से ही विधानसभा चुनाव के उम्मीदवार रहे शीशपाल केहरवाला ने एक पत्रकार वार्ता कर रीना बिरट पर कई आरोप जड़ दिए। हालांकि रीना बिरट ने गांधीगिरी का सहारा लेते हुए एक हवन यज्ञ कर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर को सदबुद्धि देने की कामना की थी। बिरट का कहना था कि तंवर की धर्मपत्नी अवंतिका तंवर के हस्तक्षेप से कांग्रेस में कलह बढ़ रहा है। इससे पूर्व महिला प्रधान शिल्पा वर्मा ने भी अवंतिका तंवर पर बरसते हुए कांग्रेस से अलविदाई ले ली थी। लोकसभा चुनावों के दौरान अवंतिका ने कहा था कि  पुराना डीसी हमारे काम नहीं करता था, अब वाला डीसी करता है, पर भी खूब बवाल मचा था। केवल इतना ही नहीं अवंतिका तंवर के व्यवहार को लेकर पहले भी कई मामले प्रकाश में आते रहे है। रीना बिरट की गांधीगिरी की राजनीतिक क्षेत्रों में भारी चर्चा है। वहीं गुरूवार को कांग्रेस उम्मीदवार रहे शीशपाल केहरवाला ने एक पत्रकार वार्ता कर रीना बिरट पर कई आरोप लगाते हुए कहा कि जो सस्ती लोकप्रियता पाने के लिए ऐसे हथकंडों का इस्तेमाल कर रही है और डॉ. तंवर के खिलाफ बोल रही है, उसे हाईकमान ने हटाया है। इसकी शिकायत भी मैंने ही हाईकमान से चुनावों के दौरान की थी। रीना बीरट जैसे लोग कांग्रेस को दीमक बनकर खत्म करने का काम कर रहे है और ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में कोई गुटवाजी नहीं है और पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर हर समय पार्टी के कार्यक्रम में एक साथ होते है निचले लोग खराब करते है। 

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