नागालैंड यूनिवर्सिटी की मान्यता को लेकर पुलिस ने दी यूजीसी में दस्तक

मानसा(प्रैसवार्ता)। नागालैण्ड की ग्लोबल ओपन यूनिवर्सिटी के प्रौ. चांसलर, लेखाकार इत्यादि को काबू करने उपरांत मानसा पुलिस जारी की डिग्रियों का आंकड़ा एकत्रित करने में जुट की गई है। पुलिस ने यूनिवर्सिटी अधिकारियों द्वारा जाली डिग्रियों के संदेह पर यूजीसी से मान्यता और जारी की गई डिग्रियों का विवरण मांगा है। प्रैसवार्ता को मिली जानकारी के अनुसार अभी तक पुलिसियां जांच में पाया गया है कि  इन लोगों ने पंजाब तथा अन्य राज्यों में 53232 जाली डिग्रियां जारी की है और शेष रिकार्ड एकत्रित किया जा रहा है। मानसा निवासी त्रिलोचन सिंह को भारती पैट्रोलियम द्वारा गैस एजेंसी जारी होने उपरांत उनकी बीऐ की डिग्री जाली पाई गई थी, जिस पर जिला की जोगा थाना पुलिस ने दो व्यक्ति रूप सिंह और नवजिन्द्र सिंह के खिलाफ मामला दर्ज करके थाना प्रभारी दलबीर सिंह ने जांच करते हुए यूनवर्सिटी के प्रौ. चांसलर परिरंजन त्रिवेदी (दिल्ली) की भतीजी वंदना सिंह, अजहर उलहक तथा जीया अैयर के खिलाफ मामला दर्ज करके परिरंजन त्रिवेदी को 13 अप्रैल तक पुलिस रिमांड पर ले लिया। पुलिस प्रमुख भूपेंद्र सिंह खटका के अनुसार यूनिवर्सिटी का, जो रिकार्ड कब्जे में ले लिया गया है, उससे तथा यूजीसी से लाए विवरण मुताबिक यूनिवर्सिटी ने अब तक एमऐ, बीऐ और अन्य कोर्सों की 66988 डिग्रियां वितरित की है। यूजीसी से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार यूिनवर्सिटी के पास 13233 डिग्री जारी करने का अधिकार है, जिसके चलते 53232 डिग्रियों का कोई रिकार्ड के सही होने का कोई प्र्रमाण है। उन्होंने कहा कि पुलिस बड़ी गंभीरता से इस मामले की जांच कर रही है और एक बहुत बड़े घपले के उजागर होने की उम्मीद है, जिसमें व्यापक स्तर पर गिरफ्तारी की जाएगी।

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