हरियाणा, जहां बागी कांग्रेसी ''घर वापिसी" की तैयारी में

सिरसा(प्रैसवार्ता)। आपसी कलह के चलते कई कांग्रेसी दिग्गज अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर भले ही भाजपाई बन गए हो, मगर उन्हें भाजपा रास नहीं आ रही, क्योंकि भाजपाई दिग्गज उन्हें राजनीतिक घास नहीं ड़ालते, जिस कारण वह ''घर वापिसी" की तैयारी में जुट गए है और कुछ कांग्रेसी दिग्गजों ने मौजूदा पार्टी प्रधान अशोक तंवर से संपर्क साधना भी शुरू कर दिया है। प्रैसवार्ता को मिली जानकारी के अनुसार प्रदेश में ज्यादातर कांग्रेसी दिग्गजों की कांग्रेस से अलविदाई के पीछे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हु्ड्डा की अहम् रही है। कांग्रेस आलाकमान मौजूदा पार्टी प्रधान अशोक तंवर को तव्वजों देने के चलते बागी कांग्रेसी तंवर से नजदीकियां बढ़ाने की फिराक में है, क्योंकि तंवर का नेतृत्व कांग्रेस के लिए उचित मानते है। हरियाणा में नेता और दलबदल का चोली दामन का साथ है और राजनीतिक तौर पर आरोपों की बौछार करने वाले हरियाणवी नेता गुणगान करने में भी पीछे नहीं कहे जा सकते। प्रदेश की मौजूदा राजनीति भाजपा, इनैलो, कांग्रेस और हुड्डा कांग्रेस के इर्द-गिर्द घूम रही है, जबकि हजकां, बसपा, हलोपा इत्यादि कोप भवन में है। कांग्रेस से अलविदाई लेकर भाजपाई ध्वज उठाने वाले दिग्गजों पर उनके समर्थक भी ''घर वापिसी" का दवाब बना रहे है, क्योंकि भाजपाई शासन में उन्हें तो क्या, भाजपाईयों की ही अनदेखी हो रही है, किसी की सुनवाई नहीं हो रही और भाजपाई बने दिग्गजों की स्थिति ''धोबी के कुत्ते" जैसी होकर रह गई है। ऐसे दिग्गजों को अपना भविष्य अंधकारमयी दिखाई देने लगा है। ऐसे राजसी दिग्गजों के पास पछताने के  साथ साथ ''घर-वापिसी" के अतिरिक्त कोई चारा नजर नहीं आता। भाजपा के राजनीतिक झटकों को बर्दाश्त कर रहे राजसी दिग्गज को ''घर" की याद सताने लगी है, जिसके लिए कभी भी उनका ''हृदय परिवर्तन" हो सकता है और उनकी घर वापिसी हो सकती है।

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